अयोध्या में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां सुहागरात के दौरान एक नवविवाहित जोड़े की जिंदगी हमेशा के लिए खत्म हो गई। शादी के महज कुछ घंटों बाद ही पति ने पहले पत्नी की हत्या कर दी और फिर खुद फांसी के फंदे पर झूल गया। यह घटना किसी फिल्मी सस्पेंस से कम नहीं, लेकिन जब सच्चाई सामने आई, तो हर कोई स्तब्ध रह गया।
सुहागरात की रात, जहां प्यार की कसमे खाई जानी थीं, वहां चीखें दबी रह गईं
शादी धूमधाम से हुई थी। चारों तरफ खुशी का माहौल था, हर कोई नई जोड़ी को आशीर्वाद दे रहा था, लेकिन किसे पता था कि यह जोड़ा अपनी पहली ही रात मौत को गले लगा लेगा। रात के 3 बजे के आसपास जब घरवाले चैन की नींद सो रहे थे, तब कमरे के अंदर एक ऐसी वारदात हो रही थी, जिसने हर किसी के रोंगटे खड़े कर दिए।
सुबह जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो परिवारवालों को चिंता हुई। दरवाजा खटखटाया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। दरवाजा तोड़ा गया, तो सामने का नजारा देखकर पैरों तले जमीन खिसक गई। बेड पर दुल्हन शिवानी मृत पड़ी थी, और कमरे के पंखे से दूल्हे प्रदीप की लाश झूल रही थी। चारों ओर मातम पसर गया।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से हुआ बड़ा खुलासा
पुलिस को सूचना दी गई, और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। शुरुआती जांच में पता चला कि 22 वर्षीय शिवानी की मौत रात 3 बजे के करीब गला दबाने से हुई, जबकि प्रदीप ने इसके लगभग एक घंटे बाद खुद फांसी लगा ली। सवाल यह उठता है कि आखिर ऐसी क्या बात हुई, जिसने इस नई शादी को चिता में बदल दिया?

एक मैसेज ने बदल दी पूरी कहानी!
जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो प्रदीप के मोबाइल में एक संदिग्ध मैसेज मिला, जिसने इस केस को और भी रहस्यमय बना दिया। चौंकाने वाली बात यह थी कि यह मैसेज खुद प्रदीप के ही दूसरे नंबर से भेजा गया था। पुलिस को शक हुआ कि प्रदीप अपनी पत्नी के अतीत को लेकर परेशान था।
सूत्रों के मुताबिक, शिवानी अपने मायके से मोबाइल नहीं लाई थी, जिससे प्रदीप को शक हुआ कि उसकी पत्नी उससे कुछ छिपा रही है। इस शक को दूर करने के लिए उसने अपने दूसरे नंबर से ही एक मैसेज भेजकर उसकी प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की। जब जवाब नहीं मिला, तो गुस्से में आकर उसने शिवानी से इस बारे में पूछताछ की। दोनों के बीच तीखी बहस हुई और गुस्से में आकर प्रदीप ने शिवानी की हत्या कर दी। लेकिन जब उसे अपनी गलती का अहसास हुआ, तो उसने खुद को भी खत्म करने का फैसला कर लिया।
जल्दबाजी में हुई शादी, अब उठ रहे सवाल
परिवारवालों का कहना है कि शादी पहले अप्रैल में होने वाली थी, लेकिन प्रदीप के जोर देने पर इसे मार्च में ही कर दिया गया। दोनों परिवार रिश्तेदारी में जुड़े थे, इसलिए किसी को भी इस शादी पर कोई शक नहीं था। लेकिन अब इस घटना के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं—क्या यह महज़ गुस्से और शक का नतीजा था, या फिर इसके पीछे कोई और गहरी साजिश छिपी थी?
गांव में दहशत, पुलिस ने तेज की जांच
इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। लोग स्तब्ध हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक खुशहाल शादी कुछ घंटों के अंदर ही मौत की रात में बदल गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या शिवानी के अतीत में ऐसा कुछ था, जिससे प्रदीप को यह कदम उठाने की जरूरत महसूस हुई, या फिर यह केवल शक की वजह से उठाया गया एक आत्मघाती कदम था?
फिलहाल, पुलिस इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। लेकिन एक बात साफ हो गई है—शक, क्रोध और जल्दबाजी ने दो जिंदगियों को खत्म कर दिया और दो परिवारों को हमेशा के लिए बर्बादी के कगार पर छोड़ दिया।
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