आप जो कॉफी पी रहे हैं उसमें पिसे कॉकरोच हैं.. FDA रिपोर्ट में हुआ डरावना खुलासा!

कॉफी—एक ऐसा पेय जिसे भारत में चाय के बाद सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। सुबह की शुरुआत बिना कॉफी के अधूरी लगती है। ऑफिस की टेबल हो या दोस्तों की महफिल, कॉफी ने सबकी दिनचर्या में खास जगह बना ली है। लेकिन अब एक चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई है जो आपके कॉफी कप को देखते ही उबकाई ला सकती है।

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☠️कॉफी में मिलते हैं कीड़े और कॉकरोच!

यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने चौंकाने वाली बात स्वीकार की है—पिसी हुई कॉफी में कुछ मात्रा में कीड़े-मकोड़े और कॉकरोच शामिल हो सकते हैं! और ये सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं, भारत में भी ऐसा होने की आशंका जताई जा रही है।

FDA की रिपोर्ट के अनुसार, जो कॉफी पहले से पिसी हुई आती है, उसमें कीड़े पूरी तरह से हटाए नहीं जा सकते। इसका कारण है ग्रीन कॉफी बीन्स में पहले से मौजूद कीटाणु, और उन्हें स्टोर करने की जगहें—अंधेरी, नम और गंदी जगहें—जहां कॉकरोच, चूहे और कीड़े-मकोड़े आसानी से पनपते हैं।

जब इन बीन्स को पीसा जाता है तो कॉकरोच के अंश, उनके अंडे, छोटे कीड़े—सब कुछ कॉफी पाउडर में मिल जाते हैं। और यही कॉफी आपके कप में पहुंचती है—बिना आपकी जानकारी के।


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📚साइंस का सबूत: कॉफी से एलर्जी, कॉकरोच से जुड़ी?

एक रिपोर्ट के मुताबिक, 1980 के दशक में एक बायोलॉजी प्रोफेसर ने गौर किया कि उन्हें पहले से पिसी हुई कॉफी पीने के बाद बार-बार एलर्जी होती है। लेकिन जब उन्होंने खुद कॉफी बीन्स पीसकर कॉफी बनाई तो एलर्जी नहीं हुई। जांच के बाद पाया गया कि उनकी एलर्जी का कारण कॉफी नहीं बल्कि उसमें मौजूद पिसे हुए कॉकरोच थे।


🛑आप कैसे बच सकते हैं इस अदृश्य ज़हर से?

  1. पहले से पिसी हुई कॉफी से परहेज़ करें।
  2. ग्रीन बीन्स खरीदें और घर पर पीसें।
  3. कॉफी को साफ-सुथरी, सूखी और रोशनी वाली जगह पर स्टोर करें।
  4. ऐसे ब्रांड चुनें जो हाई-ग्रेड क्लीनिंग स्टैंडर्ड अपनाते हों।

❗यह सिर्फ कॉफी तक सीमित नहीं

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि केवल कॉफी ही नहीं, बल्कि बहुत सी खाने-पीने की चीजों में कीड़े-मकोड़ों की मिलावट का खतरा होता है। चाहे अमेरिका हो या भारत, यह खतरा हर जगह मौजूद है।


🧠अब फैसला आपके हाथ में है…

क्या आप अब भी डिब्बाबंद कॉफी खरीदेंगे?
या स्वच्छता और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देंगे?

आपके कप में केवल कैफीन नहीं, अदृश्य कीटों की “काली सच्चाई” भी हो सकती है।


📌सावधानी ही सुरक्षा है — अगली बार कॉफी खरीदने से पहले दो बार सोचिए।

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