ऋषियों की अमरवाणी द्वारा आयोजित “मधुरम मधुरम – राधा कृष्ण फोटो कॉन्टेस्ट 2025” का शानदार समापन, विजेताओं की घोषणा

ऋषियों की अमरवाणी द्वारा आयोजित “मधुरम मधुरम – राधा कृष्ण फोटो कॉन्टेस्ट 2025” का परिणाम घोषित कर दिया गया है। यह अद्वितीय प्रतियोगिता बच्चों में सांस्कृतिक मूल्यों को संजोने और भारतीय परंपराओं को जीवंत करने का एक सफल प्रयास साबित हुई।

IMG 20250814 WA0004

देशभर से 350 से अधिक प्रविष्टियां इस प्रतियोगिता में प्राप्त हुईं। प्रतिभागियों ने राधा-कृष्ण का रूप धारण कर अपनी प्रस्तुति दी और अपनी मासूमियत व भक्ति से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।

🏆 विजेताओं की सूची

बाल गोपाल श्रेणी

IMG 20250817 WA0000

प्रथम स्थान: 7 माह के शिवार्थ जैन

IMG 20250820 WA0019

द्वितीय स्थान: कृष जोशी

तृतीय स्थान: सव्य शर्मा

किशोरी जी श्रेणी

IMG 20250820 WA0018

प्रथम स्थान: 2 माह की कृधा गुप्ता

IMG 20250818 WA0009

द्वितीय स्थान: विदिशा नेगी

IMG 20250820 WA0009

तृतीय स्थान: अद्रिका शर्मा

👩‍⚖️ निर्णायक मंडल

डॉ. अनुराधा शर्मा (प्रोफेसर ऑफ साइकोलॉजी)

निमिषा शर्मा (HOD ऑफ इंग्लिश)

कृष्णा ओझा (इवेंट प्लानर)

🎙️ जूरी सदस्यों के विचार

डॉ. अनुराधा शर्मा – “इतनी छोटी आयु में बच्चों की मासूम भक्ति को मंच देना अभिभूत करने वाला अनुभव था। यह केवल प्रतियोगिता नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक साधना थी।”

निमिषा शर्मा – “यह आयोजन दर्शाता है कि हमारी परंपराएं अब भी जीवित हैं और नई पीढ़ी उन्हें आत्मसात कर रही है।”

कृष्णा ओझा – “यह आयोजन केवल कला का मंच नहीं बल्कि परिवारों को जोड़ने वाला आध्यात्मिक उत्सव साबित हुआ।”

🎤 ऋषियों की अमरवाणी प्रबंधन टीम के विचार

राजेन्द्र मोहन शर्मा, Editor-in-Chief – “यह आयोजन हमारी सनातन परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का एक गंभीर प्रयास है। आने वाले समय में और भी सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।”

सरोज शर्मा, CEO – “अब हम केवल बच्चों तक सीमित नहीं रहेंगे। करवा चौथ पर माताओं को मंच, नवरात्रि पर गरबा, मकर संक्रांति पर पतंगबाजी और होली स्पेशल कार्यक्रमों की योजना है।”

सुमन शर्मा, COO – “हम जल्द ही पॉडकास्ट भी शुरू करेंगे, ताकि सनातन संस्कृति की गूंज हर घर तक पहुँच सके। यह केवल आयोजन नहीं बल्कि एक आंदोलन है।”

ऋषियों की अमरवाणी परिवार ने विजेताओं सहित सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है। आने वाले वर्षों में “मधुरम मधुरम” जैसे आयोजनों का दायरा और बड़ा होगा और अधिक से अधिक परिवार इसमें जुड़ सकेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *