कल का दिन संसद और कश्मीर—दोनों के लिए खास माना जा रहा है।
20 अगस्त को लोकसभा में दो बड़े विधेयक पेश होने वाले हैं। सवाल सबके मन में एक ही है—क्या घाटी को फिर से “राज्य” का दर्जा मिलेगा?
👉 संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025
👉 जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025
राजनीति की हलचल
2019 में अनुच्छेद 370 हटाकर जम्मू-कश्मीर को दो हिस्सों में बाँटकर केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया था। तभी से “राज्य का दर्जा” बहाल करने की मांग लगातार गूंज रही है।
अब ये विधेयक उसी कहानी का नया अध्याय लिख सकते हैं।
नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी इस कदम को जनता की जीत बता रही हैं।
उधर, विपक्ष के कुछ नेताओं का कहना है कि केंद्र शायद घाटी पर और मज़बूत पकड़ बनाने की तैयारी कर रहा है।
केंद्र सरकार का दावा है कि इन संशोधनों से कश्मीरी पंडितों, विस्थापित परिवारों और अनुसूचित जाति–जनजाति समुदायों को न्याय मिलेगा।
🔎 आगे की राह
बिल पेश होने के बाद उन्हें संसदीय संयुक्त समिति को भेजा जाएगा। यानी अभी लंबी चर्चा होगी और फैसला तुरंत नहीं आएगा।
🚨 जनता के लिए मायने
जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए ये विधेयक सीधे-सीधे उनके वोट, उनके नेताओं और उनकी अपनी सरकार की ताकत से जुड़े हैं।
बाकी भारत के लिए यह संघीय ढांचे और केंद्र–राज्य संबंधों को नए सिरे से समझने का बड़ा मौका हो सकता है।
📌 20 अगस्त 2025 घाटी की राजनीति में एक नया मोड़ बन सकता है।
क्या इन विधेयकों से उम्मीदों की रोशनी फैलेगी—या इंतज़ार और लंबा होगा?
इसका जवाब संसद की गूंज में छिपा है।
Amitendra Sharma is a digital news editor and media professional with a strong focus on credible journalism, public-interest reporting, and real-time news coverage. He actively works on delivering accurate, fact-checked, and reader-centric news related to Uttarakhand, governance, weather updates, and socio-political developments.