नई दिल्ली:
भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि उसने पूरे देश में Special Summary Revision (SIR) कराने का निर्णय लिया है। यह प्रक्रिया सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू होगी, केवल बिहार को छोड़कर, जहां फिलहाल यह प्रक्रिया पहले से चल रही है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस राष्ट्रव्यापी विशेष मतदाता सूची संशोधन की क्वालिफाइंग डेट 1 जनवरी 2026 तय की गई है। यानी, इस तारीख को जो भी 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र का हो जाएगा, वह अपने नाम को वोटर लिस्ट में दर्ज कराने का पात्र होगा।
क्यों अहम है SIR 2026?
SIR यानी Special Summary Revision चुनावी प्रक्रिया की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इसके जरिए नए मतदाताओं को वोटर सूची में जोड़ा जाता है और मृत या दोहरी प्रविष्टियों को हटाकर मतदाता सूची को और अधिक सटीक बनाया जाता है।
2026 की शुरुआत में होने वाला यह राष्ट्रव्यापी अभियान आगामी लोकसभा चुनाव 2029 सहित सभी भविष्य के चुनावों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। निर्वाचन आयोग का यह कदम लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।
सुप्रीम कोर्ट में आयोग का बयान
सुप्रीम कोर्ट में दायर एक मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने यह जानकारी साझा की। आयोग ने कहा कि पारदर्शिता और समानता सुनिश्चित करने के लिए पूरे देश में एक ही क्वालिफाइंग डेट लागू की जा रही है।
नागरिकों के लिए संदेश
यदि आप 1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष के हो जाते हैं, तो आपके पास वोटर बनने का सुनहरा मौका है। इसके लिए आपको ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से फॉर्म भरकर आवेदन करना होगा।
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