उत्तरकाशी में बढ़ी साइबर ठगों की हिमाकत
उत्तरकाशी, 25 अक्तूबर 2025 — जिले में एक गंभीर साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है। कुछ शरारती तत्वों या साइबर अपराधियों ने जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की तस्वीर और नाम का दुरुपयोग करते हुए एक फर्जी फेसबुक अकाउंट बना लिया है। प्रशासन ने इसे साइबर अपराध की श्रेणी में गंभीर मामला बताया है।
जिलाधिकारी ने दी स्पष्ट चेतावनी
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने जनता से अपील करते हुए कहा है कि यह फेसबुक अकाउंट न तो उनका आधिकारिक अकाउंट है, न ही निजी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका उनसे किसी भी प्रकार का संबंध नहीं है।
उन्होंने कहा, “यदि किसी को इस अकाउंट से फ्रेंड रिक्वेस्ट या मैसेंजर पर कोई संदेश प्राप्त होता है, तो कृपया उस पर प्रतिक्रिया न दें और तुरंत इसकी सूचना प्रशासन या पुलिस को दें।”
जांच के आदेश, साइबर टीम अलर्ट
इस मामले की सूचना मिलते ही प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी कार्यालय ने साइबर सेल को फर्जी अकाउंट की जांच के निर्देश दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि फर्जी अकाउंट से कुछ व्यक्तियों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी गई है, जो संभावित रूप से ठगी या गलत जानकारी फैलाने की साजिश हो सकती है।
प्रशासन ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर सावधानी की अपील
जिलाधिकारी ने जनता को सतर्क करते हुए कहा है कि किसी भी सरकारी अधिकारी या प्रशासनिक पदाधिकारी के नाम से आने वाले संदेशों या अकाउंट्स की सत्यता की जांच किए बिना उन पर भरोसा न करें।
यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि डिजिटल युग में फर्जी पहचान और साइबर अपराध के खतरे लगातार बढ़ रहे हैं।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में तुरंत रिपोर्ट करना बेहद जरूरी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर “Report” और “Block” विकल्प का इस्तेमाल करते हुए फर्जी प्रोफाइल्स को चिन्हित किया जा सकता है।
साथ ही, आम नागरिकों को भी अपने निजी डाटा और तस्वीरों की सुरक्षा को लेकर सजग रहना चाहिए।