भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव और ड्रोन गतिविधियों की खबरों के बीच राजस्थान सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार देर रात Bhajan Lal Sharma ने एक उच्चस्तरीय आपात बैठक बुलाई, जिसमें राज्य के सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा स्थिति की विस्तृत समीक्षा की जा रही है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार यह बैठक राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और संभावित खतरों से निपटने की रणनीति तय करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है।
राजस्थान की अंतरराष्ट्रीय सीमा पाकिस्तान से सटी हुई है और हाल के दिनों में सीमा पार से ड्रोन गतिविधियों और उकसावे की घटनाओं की खबरों के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करने का निर्णय लिया है।
सीमावर्ती जिलों पर विशेष फोकस
बैठक में खास तौर पर राजस्थान के उन जिलों पर चर्चा की जा रही है जो सीधे अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े हुए हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- Jaisalmer
- Barmer
- Bikaner
- Sri Ganganagar
इन इलाकों में हाल ही में संदिग्ध ड्रोन गतिविधियों और सीमा पार से संभावित घुसपैठ को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया था।
इसी पृष्ठभूमि में राज्य सरकार ने प्रशासन, पुलिस और खुफिया एजेंसियों को निर्देश दिया है कि सीमा से जुड़े सभी जिलों में निगरानी और गश्त बढ़ाई जाए।
बैठक में कौन-कौन शामिल
सूत्रों के मुताबिक इस उच्चस्तरीय बैठक में राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए हैं।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी
- पुलिस विभाग के शीर्ष अधिकारी
- खुफिया एजेंसियों के प्रतिनिधि
- जिला प्रशासन से जुड़े अधिकारी
बैठक में इन अधिकारियों से जमीनी स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट ली जा रही है ताकि सुरक्षा रणनीति को और प्रभावी बनाया जा सके।
ड्रोन गतिविधियों पर कड़ी निगरानी
हाल के दिनों में सीमा पार से ड्रोन गतिविधियों की घटनाएं बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार ऐसे ड्रोन का इस्तेमाल कई तरह के उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है, जैसे:
- निगरानी और जासूसी
- हथियार या संदिग्ध सामग्री गिराना
- सुरक्षा एजेंसियों को उकसाने की कोशिश
इसी कारण बैठक में यह निर्देश दिया गया है कि सीमावर्ती जिलों में ड्रोन गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी सुरक्षा एजेंसियों को दी जाए।
रात में ब्लैकआउट और सख्त निर्देश
सीमा से सटे कई इलाकों में सुरक्षा कारणों से रात के समय ब्लैकआउट लागू रखने का निर्णय लिया गया है।
प्रशासन के अनुसार:
- रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक पूर्ण ब्लैकआउट लागू रहेगा
- किसी भी प्रकार की अनधिकृत ड्रोन उड़ान पर प्रतिबंध रहेगा
- आतिशबाजी या तेज रोशनी वाले कार्यक्रमों से बचने की सलाह दी गई है
ब्लैकआउट का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सीमा पार से आने वाले ड्रोन या निगरानी उपकरणों को किसी भी प्रकार का दृश्य संकेत न मिले।
सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
राज्य सरकार के निर्देश के बाद पुलिस, सीमा सुरक्षा बल और अन्य एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
सीमावर्ती इलाकों में:
- अतिरिक्त गश्त
- चेकिंग अभियान
- संवेदनशील स्थानों की निगरानी
जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।
इसके अलावा राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि वे स्थानीय स्तर पर आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था को भी सक्रिय रखें।
नागरिकों से संयम और सहयोग की अपील
बैठक के बाद प्रशासन ने सीमावर्ती जिलों के नागरिकों से संयम बनाए रखने और सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग करने की अपील की है।
लोगों से कहा गया है कि:
- किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें
- संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत सूचना दें
- प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें
सरकार का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है।
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सरकार की रणनीति: सुरक्षा और सतर्कता
विशेषज्ञों का मानना है कि राजस्थान सरकार की यह बैठक एहतियाती रणनीति का हिस्सा है।
सीमा से जुड़े राज्यों में अक्सर छोटे-छोटे घटनाक्रम भी बड़े सुरक्षा खतरे का संकेत हो सकते हैं। इसलिए समय रहते सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करना और आवश्यक कदम उठाना बेहद जरूरी होता है।
राज्य सरकार का कहना है कि वह किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।