लगातार बारिश के बीच तेजी से फैल रहे आई फ्लू (कंजेक्टिवाइटिस) के मामलों में हो रही वृद्धि को देखते हुए एसएमएस अस्पताल के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज शर्मा ने कहा है कि वायरल कंजेक्टिवाइटिस तेजी से फैलने वाला संक्रमण है। पिछले साल भी बारिश के बाद इसके मामलों में उछाल देखा गया था। इस बार भी रोजाना 30 से 40 मामले रोजाना अस्पताल में आते जा रहे हैं।
डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि आमतौर पर यह गलत धारणा है कि संक्रमित व्यक्ति को देखने से यह फैल सकता है। मुख्यत: यह बीमारी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने, जैसे हाथ मिलाने, मोबाइल या तौलिया इस्तेमाल करने से फैलती है। यह संक्रमण बच्चों में तेजी से फैलता है क्योंकि वे अक्सर एक-दूसरे के साथ संपर्क में रहते हैं।
स्टेरॉयड का उपयोग खतरनाक
डॉ. पंकज शर्मा ने विशेष रूप से चेतावनी दी है कि बिना चिकित्सकीय सलाह के स्टेरॉयड का उपयोग न करें। कई बार मेडिकल स्टोर से खरीदी गई दवाओं में स्टेरॉयड होता है, जिसकी पहचान के लिए दवा के नाम के अंत में (डी, डीएम, डीएक्स) लिखा होगा, जो आंखों की रोशनी के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इससे अस्थाई राहत तो मिलती है, लेकिन यह आंखों की गंभीर समस्याओं जैसे फंगस, संक्रमण और कॉर्निया के सफेद होने का कारण बन सकता है। आमतौर पर आई फ्लू से पीड़ित मरीज 5 से 7 दिनों में सामान्य उपचार से ठीक हो जाते हैं, लेकिन गलत दवा का सेवन स्थिति को गंभीर बना सकता है।
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