4 जुलाई की समयसीमा से ठीक पहले, अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल के अब तक के सबसे बड़े और विवादित विधायी प्रस्ताव – “One Big Beautiful Bill” – को पारित कर दिया है। करों और खर्चों में ऐतिहासिक कटौती से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा और आव्रजन पर खर्च में जबरदस्त इजाफे तक, यह बिल ट्रम्प प्रशासन के रूढ़िवादी एजेंडे की रीढ़ साबित हो रहा है।
🔹 बिल की मुख्य बातें:
- टैक्स छूट की वापसी और विस्तार:
ट्रम्प के पहले कार्यकाल (2017) में लागू की गई टैक्स कटौती, जो इस वर्ष समाप्त हो रही थी, अब स्थायी कर दी गई है। - नई टैक्स राहतें:
- श्रमिकों के लिए टिप्स और ओवरटाइम आय अब कर-मुक्त।
- $75,000 से कम कमाने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए $6,000 की अतिरिक्त छूट।
- SALT टैक्स कटौती की सीमा $10,000 से बढ़ाकर $40,000, जिससे न्यूयॉर्क और कैलिफोर्निया जैसे हाई-टैक्स राज्यों को राहत मिलेगी।
🔹 रक्षा और आव्रजन पर बड़ा निवेश:
ट्रम्प प्रशासन का पसंदीदा विषय – राष्ट्रीय सुरक्षा – इस बिल का अहम हिस्सा है।
- $350 बिलियन का बजट “गोल्डन डोम” रक्षा प्रणाली जैसे प्रोजेक्ट्स पर खर्च किया जाएगा।
- अवैध आव्रजन पर सख्ती और निर्वासन नीति के लिए अतिरिक्त फंडिंग।
🔹 कहां से आएगा पैसा? – सामाजिक योजनाओं पर गहरी चोट:
इस विधेयक को लेकर सबसे तीखी आलोचना इस बात पर हो रही है कि टैक्स छूट और रक्षा खर्च की भरपाई गरीबों और मध्यवर्गीय अमेरिकी परिवारों की बुनियादी योजनाओं में कटौती करके की जा रही है।
- Medicaid और फूड स्टैम्प्स में $1.2 ट्रिलियन की कटौती
- नई वर्क रीक्वायरमेंट्स लागू होने से लाखों लोगों की स्वास्थ्य और खाद्य सहायता पर असर।
- विशेषज्ञों का अनुमान है कि इससे 11.8 मिलियन लोग स्वास्थ्य बीमा से वंचित हो सकते हैं।
🔹 पर्यावरण को झटका:
- Inflation Reduction Act (2022) के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों, ऊर्जा दक्षता, और स्वच्छ ऊर्जा पर दिए गए टैक्स क्रेडिट और इंसेंटिव समाप्त कर दिए गए हैं।
- पर्यावरण कार्यकर्ताओं और डेमोक्रेट नेताओं का आरोप है कि यह निर्णय अमेरिका की ग्रीन पॉलिसी के लिए “20 साल पीछे जाने” जैसा है।
🔹 मतदान और विवाद: हर वोट की अहमियत
इस विधेयक को प्रतिनिधि सभा में 218-214 के बेहद करीबी वोट से पारित किया गया। दो रिपब्लिकन सांसदों ने डेमोक्रेट्स के साथ जाकर इसका विरोध किया।
सीनेट में स्थिति और भी नाटकीय रही – 50-50 की बराबरी पर मामला अटक गया, और अंततः उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने टाई-ब्रेकिंग वोट डालकर इसे पारित कराया।
🔹 एलन मस्क बनाम ट्रम्प: एक नया मोर्चा
इस बिल के पारित होने के दौरान टेस्ला और एक्स स्पेस के सीईओ एलन मस्क ने इसका खुला विरोध किया।
उनका कहना है कि:
“यह बिल तकनीकी नवाचार और हरित ऊर्जा भविष्य के खिलाफ है। अमेरिका अब तकनीक का गढ़ नहीं, टेक्सास का टैंक बन रहा है।”
ट्रम्प ने इसका जवाब अपने अंदाज़ में दिया:
“एलन हमेशा तब रोते हैं जब सब कुछ उनके हिसाब से न चले। अमेरिका को अब रोबोट नहीं, रीढ़ चाहिए।”
🔹 आगे क्या?
अब यह बिल राष्ट्रपति ट्रम्प के पास अंतिम हस्ताक्षर के लिए भेजा जाएगा। कानून में तब्दील होने के बाद, यह अमेरिकी समाज, अर्थव्यवस्था, और राजनीति की दिशा तय करने वाला एक ऐतिहासिक मोड़ बन जाएगा।
📊 संभावित प्रभाव (विश्लेषकों के अनुसार):
| क्षेत्र | प्रभाव |
|---|---|
| टैक्स पेयर्स | कुछ को राहत, उच्च आय वालों को ज्यादा फायदा |
| गरीब और मध्यम वर्ग | Medicaid/Food स्टैम्प कटौती से नुकसान |
| पर्यावरण नीति | स्वच्छ ऊर्जा योजनाओं को गहरा धक्का |
| बजट घाटा | अगले दशक में $3.3 ट्रिलियन की वृद्धि |
| हेल्थ कवरेज | 11.8 मिलियन लोग बीमा से बाहर |
Amitendra Sharma is a digital news editor and media professional with a strong focus on credible journalism, public-interest reporting, and real-time news coverage. He actively works on delivering accurate, fact-checked, and reader-centric news related to Uttarakhand, governance, weather updates, and socio-political developments.
