भदोही में 49वें अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले का शुभारंभ — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बोले, “96 लाख MSME यूनिट्स आज उत्तर प्रदेश की असली ताकत हैं”

भदोही, उत्तर प्रदेश।
विश्व प्रसिद्ध कालीन नगरी भदोही एक बार फिर अपने पारंपरिक शिल्प और उत्कृष्ट हस्तकला की चमक से जगमगा उठी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज CEPC (Carpet Export Promotion Council) के तत्वावधान में आयोजित 49वें अंतरराष्ट्रीय कालीन मेला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने हस्तनिर्मित कालीन उद्योग से जुड़े शिल्पकारों, उद्यमियों और लाभार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भदोही की पहचान सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में “इंडियन हैंडमेड कारपेट्स के प्रतीक” के रूप में स्थापित है।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक भी वितरित किए और उन्हें आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “उत्तर प्रदेश आज 96 लाख MSME यूनिट्स के साथ देश के औद्योगिक परिदृश्य में सबसे आगे है। यह सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि हमारे युवाओं, शिल्पकारों और उद्यमियों की मेहनत, ईमानदारी और नवाचार की मिसाल है। राज्य सरकार की नीयत साफ है—हम हमेशा अपने व्यापारी, उद्योगपति और कारीगरों के साथ खड़े हैं।”

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP)’ विज़न को उत्तर प्रदेश ने व्यवहारिक धरातल पर उतारा है। भदोही की कालीन उद्योग इसका सबसे सुंदर उदाहरण है, जिसने स्थानीय परंपरा को वैश्विक मंच तक पहुँचाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि गुणवत्ता, प्रशिक्षण और मार्केटिंग के हर पहलू में शिल्पकारों को सशक्त बनाना है।

WhatsApp Image 2025 10 11 at 13.24.35

उन्होंने कहा कि सरकार MSME क्षेत्र को न केवल वित्तीय प्रोत्साहन दे रही है, बल्कि डिजिटल कनेक्टिविटी और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से वैश्विक बाजारों से जोड़ने का काम भी कर रही है। इससे राज्य के हजारों शिल्पकारों और छोटे उद्योगों को अपने उत्पादों को सीधे अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों तक पहुँचाने का अवसर मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारा प्रयास है कि उत्तर प्रदेश का हर जिला एक आर्थिक शक्ति बनकर उभरे। भदोही की कालीनें आज अमेरिका, यूरोप और खाड़ी देशों तक अपनी छाप छोड़ रही हैं। इसी आत्मविश्वास के साथ हमें आगे बढ़ना है—यह नया भारत, नए उत्तर प्रदेश की पहचान है।”

कार्यक्रम में कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (CEPC) के अध्यक्ष, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में शिल्पकार एवं उद्यमी उपस्थित रहे। मेले में देश-विदेश के क्रेताओं के लिए सैकड़ों हस्तनिर्मित कालीन उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं, जिनमें पारंपरिक डिज़ाइनों से लेकर आधुनिक रुझानों तक का समावेश है।

इस आयोजन ने न केवल भदोही की विरासत को नया मंच दिया है, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ की अवधारणा को साकार रूप देने की दिशा में एक ठोस कदम साबित हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *