उत्तराखंड के कई शहरों में भीषण गर्मी के बाद मॉनसून की बारिश से लोगों को राहत जरूर मिली है। लेकिन, बरसात के बाद राहत से ज्यादा आसमान से आफत बरस रही है। शहरों में बारिश के बाद मुसीबत खड़ी हो रही है। शहरों में नालियां चोक होने की वजह से जलभराव की समस्या से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, कोटद्वार, हरिद्वार आदि शहरों में जलभराव से लोगों को परेशानी हुई।
हल्द्वानी में शुक्रवार को मानसून की पहली बारिश में ही शनि बाजार क्षेत्र में नाला ओवरफ्लो हो गया। तीन कॉलोनियों में सुबह गंदा पानी भर गया। वहीं गंदगी के कारण नाला भी चोक हो गया। हालांकि बारिश रुकने के बाद पानी निकल गया, लेकिन सड़क पर गंदगी फैल गई। नगर निगम के कर्मचारियों ने नाले के साथ ही कॉलोनी को साफ किया। उधर, चोरगलिया क्षेत्र में नंधौर नदी से भू-कटाव हुआ है।शहर में शुक्रवार सुबह 4 बजे से बारिश शुरू हो गई थी और करीब 11 बजे तक बादल बरसते रहे। करीब 20 मिमी की मानसून की पहली बारिश में ही नगर निगम के नाला सफाई की हकीकत सामने आ गई। शनि बाजार का नाला उफान पर आ गया। कूड़ा-कचरा आने से नाला चोक हो गया, जिस कारण पानी ओवरफ्लो होकर वार्ड 59 के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, जोशी विहार की सड़कों पर बहने लगा।
इन कॉलोनियों से लगे करीब 4 घरों में नाले का गंदा पानी घुस गया। इस कारण लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। स्थानीय निवर्तमान पार्षद रईस अहमद गुड्डू ने बताया कि शनि बाजार नाले की सफाई आधी-अधूरी हुई है, इस कारण पानी ओवरफ्लो होकर वार्ड में घुस रहा है। बताया कि स्वामी विहार, चौधरी कॉलोनी, आम का बगीचा की सड़क का काम भी अभी अधूरा है।बारिश में रोड़ी के नाली में चली गई जिससे वह बंद हुई। कहा कि शनि बाजार नाले के निर्माण का टेंडर होने के बावजूद इसे बरसात से पहले बनाया नहीं गया। सफाई न होने पर आंदोलन को चेताया है। वहीं निगम के सफाई निरीक्षक अमोल असवाल ने बताया कि कॉलोनियों में नालियां छोटी बनी हैं, जिससे पानी ओवरफ्लो होकर सड़क पर आ गया था। उसकी सफाई करा दी गई है।
कटाव रोकने का काम न होने पर हड़ताल को चेताया
हल्द्वानी के चोरगलिया क्षेत्र में नंधौर नदी से भू-कटाव रोकने की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता भुवन पोखरिया ने सीएम को पत्र लिखा है। साथ ही 72 घंटे में भू-कटाव रोकने को कार्य शुरू न होने पर भूख हड़ताल को चेताया है। पोखरिया ने कहा कि मानसून की पहली बारिश में ही दुबेलबेरा भीड़े का तेजी से कटाव हो रहा है।इस कारण चोरगलिया के 10 से अधिक गांवों के साथ सितारगंज क्षेत्र के गांवों को भी खतरा है। हल्द्वानी वन प्रभाग के करीब 4 किमी के अति संवेदनशील क्षेत्र से मलबा नहीं हटाया गया है और नदी को चैनेलाइज नहीं किया गया। वहीं गौजाजाली, तीनपानी क्षेत्र में भी पानी ओवरफ्लो होकर सड़क पर बहने लगा।
डेढ़ घंटे की बारिश के बाद नैनीताल में खिली धूप
नैनीताल में शुक्रवार को सुबह डेढ़ घंटे हुई बारिश के बाद दोपहर को धूप खिल उठी। जिसके चलते ठंड में थोड़ा कमी आई है। मानसून आने के बाद शहर में रोजा सुबह और शाम को बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। शुक्रवार को बारिश के बाद धूप खिलने से लोगों ने राहत महसूस की।
हालांकि, पर्यटकों के भी अपने-अपने राज्यों में लौटने का सिलसिला शुरू हो गया है, ऐसे में नौकाय करने वलों की संख्या भी कम होने लगी है। जीआईसी मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।शनि बाजार के नाले में पानी ओवरफ्लो होने के कारण कुछ कॉलोनियों में गंदा पानी भरने की शिकायत मिली थी। बारिश रुकते ही वहां सफाई करवाई गई। नाले को भी साफ करवाया गया है।
डॉ. मनोज कांडपाल, वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी
हरिद्वार में जलभराव ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें
हरिद्वार में शुक्रवार को चार घंटे की रुक-रुक कर हुई बारिश से ज्वालापुर की सड़कों पर जलभराव हो गया। बारिश के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश से बाजारों में जलभराव हो गया। बारिश से ज्वालापुर में जलभराव की समस्या बनी रही। सुबह के समय बारिश में लोग भीगते हुए जलभराव से गुजरने को मजबूर रहे।
शुक्रवार सुबह जब लोग उठे तो बारिश हो रही थी। बारिश के दौरान लोगों को अपने जरूरी कार्यों पूरा करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बारिश की वजह से बाजारों में ग्राहकों की कमी रही। ज्वालापुर के गुरुद्वारा रोड़, कटहरा बाजार, पुरानी सब्जी मंडी, सर्राफा बाजार, चौक बाजार, अनाज मंडी, सुभाष नगर, पांवधोई, चौहानान, पीठ बाजार, लोधामंडी आदि क्षेत्रों में जलभराव होने से लोग परेशान दिखे। सड़कों से पानी की निकासी के बाद अधिकांश व्यापारियों को दुकानों के आगे सफाई करनी पड़ी।
तापमान में एक डिग्री की गिरावट
बारिश के बाद अधिकतम तापमान में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हुई है। गुरुवार को अधिकतम 36 और न्यूनतम 24 डिग्री था।
ग्राहक रहे कम
हरिद्वार। बारिश के कारण बाजारों में ग्राहकों की कमी रही। सुबह के समय दुकानें देरी से खुली। बारिश के कारण बड़ी कम संख्या में लोग बाजारों में खरीदारी करने निकले। बाजारों में ग्राहकों की कमी के कारण शाम के समय व्यापारियों ने दुकानें जल्दी बंद कर दी।
सर्विस रोड भी जलमग्न
चंडीघाट से बैरागी कैंप तक आने वाली सर्विस रोड पर बारिश के कारण जलभराव हो गया। जलभराव से गुजरने वाले वाहनों को परेशानी उठानी पड़ी।
12 बजे निकली धूप
बारिश के बाद 12 बजते ही धूप निकल गई। बारिश से मौसम हल्का ठंडा जरूर हुआ था, लेकिन दोपहर बाद मौसम फिर से गर्म हो गया।
कोटद्वार में नालियां चोक होने से बारिश का पानी दुकानों में घुसा
कोटद्वार, संवाददाता। कोटद्वार में शुक्रवार सुबह कुछ देर हुई बारिश ने प्रशासन के पानी के निकासी के दावों की पोल खोल कर रख दी। बरसात आने से पहले प्रशासन पूरी तैयारी करने की बात और दावे करता है।
लेकिन हर साल की भांति इस बार भी आज पहली बारिश ने प्रशासन के दावों को धराशाही कर दिया और सड़कें जलमग्न हो गईं। बारिश से कोटद्वार के देवी रोड, पदमपुर रोड, स्टेशन रोड, काशीरामपुर तल्ला, सिमलचौड़, नया गांव, बलभद्रपुर, शिब्बूनगर पंचायतघर रोड, निंबूचौड़, दुर्गापुरी, हल्दूखाता, किशनपुरी में नालियां चोक होने के कारण सड़क पर पानी जमा हो गया।देवी रोड पर दुकानों और घरों में घुस गया। नाली की गंदगी सड़कों पर तैरने के कारण लोगों को पैदल चलने में दिक्कतें हुईं। वहीं गोखले मार्ग में भी बरसात का पानी दुकानों के अंदर घुस गया। व्यापारी मोहसिन खान, अमन, बिट्टू, मनीष आदि का कहना है कि हर बरसात में दुकानदारों को इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ता है।
नालियों की समय-समय पर सफाई होती रहे तो इस तरह की समस्या ही न हो। उन्होंने कहा कि दुकानों में पानी घुसने से व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है। इससे लोगों में रोष है।नगर आयुक्त वैभव गुप्ता का कहना है कि निगम की ओर से नालियों की सफाई लगातार की जाती है। नालियों में कूड़ा करकट फंसने के कारण यह समस्या पैदा होती है। लोगों को कूड़ा नालियों में नहीं डालना चाहिए।
नाली से अतिक्रमण हटाने की मांग
कोटद्वार। सरोजनी देवी लोक विकास समिति के अध्यक्ष और सुमन मार्ग निवासी राजेंद्र सिंह नेगी ने शुक्रवार को सुमन मार्ग की नाली पर हुए अतिक्रमण को हटाने की मांग की है। कहा कि इस कारण बरसात के मौसम में मोहल्ले में जल भराव का खतरा है।इस संबंध में शुक्रवार को उपजिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में उन्होंने कहा है कि मोहल्ले से गुजर रही नाली को एक परिवार द्वारा सीमेंट से पाट दिया गया है। इस कारण बरसाती पानी की निकासी रुकने का खतरा है। कहा कि मोहल्ले के चारों तरफ से दीवारों से घिरने के कारण यहां बरसाती पानी रूक जाता है। जिससे लोगों को परेशानी होगी।
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