ईरान में फंसे 10,000 से अधिक भारतीय छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। भारत सरकार के अनुरोध पर ईरान ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अपनी ज़मीनी सीमाएं खोल दी हैं, जिससे अब वहां फंसे भारतीय छात्र आज़रबैजान, तुर्कमेनिस्तान और अफगानिस्तान के ज़रिए सुरक्षित बाहर निकल सकेंगे।
यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब ईरान ने अपना एयरस्पेस पूरी तरह बंद कर रखा है और वहां तनाव का माहौल बना हुआ है। छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए भारत ने तुरंत राजनयिक स्तर पर संपर्क साधा और पीएम मोदी के नेतृत्व में की गई पहल ने फिर साबित कर दिया कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा से बड़ा कोई मुद्दा नहीं।

ईरान ने भारत को जवाब देते हुए कहा,
“हम भारतीय छात्रों को वैकल्पिक ज़मीनी रास्तों से निकलने की अनुमति देंगे, ताकि वे आज़रबैजान, तुर्कमेनिस्तान और अफगानिस्तान के रास्ते सुरक्षित घर लौट सकें।”
विदेश मंत्रालय ने इस पर तत्काल रेस्क्यू टीमों को एक्टिव कर दिया है और पड़ोसी देशों से समन्वय कर छात्रों के सुरक्षित निकासी की योजना पर काम शुरू हो चुका है। दूतावास स्तर पर भी छात्रों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
इस घटनाक्रम ने फिर से दिखाया कि
“जहाँ संकट आता है, वहाँ भारत खड़ा होता है!”
और मोदी सरकार की तेज़ और प्रभावशाली कूटनीति ने एक बार फिर “मोदी मैजिक” का लोहा मनवाया है।