सीएम पुष्कर सिंह धामी ने किया कुमाऊं द्वार महोत्सव का शुभारंभ — बोले, “यह हमारी अस्मिता और संस्कृति से जुड़ाव का उत्सव है”

🌸 हल्द्वानी में पांच दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव का शुभारंभ

हल्द्वानी, 14 अक्टूबर 2025।
हल्द्वानी के एमबी इंटर कॉलेज मैदान में सोमवार से शुरू हुए पांच दिवसीय कुमाऊं द्वार महोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी अस्मिता, पहचान और परंपराओं से जुड़ने का सशक्त माध्यम है।


🎭 संस्कृति, परंपरा और अस्मिता का उत्सव

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुमाऊं द्वार महोत्सव राज्य की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं और जनभावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है।
“यह महोत्सव युवा पीढ़ी को हमारी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का सार्थक प्रयास है। तकनीकी युग में भी हमारी परंपराएं जीवित हैं, यह आयोजन इसका जीवंत प्रमाण है,” उन्होंने कहा।


🪔 लोक कलाकारों को मंच और सम्मान

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस महोत्सव के माध्यम से राज्य के लोक कलाकारों को अपनी कला प्रस्तुत करने, पहचान बनाने और सम्मान पाने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा कि हर वर्ष इस महोत्सव में प्रतिभाग करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो इस आयोजन की लोकप्रियता को दर्शाता है।


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🌏 उत्तराखंड की कला को विश्व पटल पर पहुंचाया कलाकारों ने

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के लोक कलाकारों ने अपनी मेहनत और निष्ठा से राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक मंचों तक पहुंचाया है।
“हमारे कलाकार अब सीमाओं के पार जाकर विदेशों में भी उत्तराखंड की संस्कृति का परचम लहरा रहे हैं,” उन्होंने कहा।


🏔️ ब्रह्मकमल टोपी बनी उत्तराखंड की पहचान

मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री द्वारा पहनी गई ब्रह्मकमल टोपी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा,
“वर्ष 2026 में जब प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड की ब्रह्मकमल टोपी पहनी थी, उसी क्षण यह टोपी हमारी सांस्कृतिक पहचान बन गई। आज यह हर उत्तराखंडी के गौरव का प्रतीक है।”


📜 लोक कलाकारों के संरक्षण के लिए सरकार के प्रयास

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार लोक भाषा, लोक कलाकारों और संस्कृति के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि कलाकारों की सूची तैयार की जा रही है ताकि उन्हें समय पर सहायता मिल सके।
कोरोना काल में 3200 पंजीकृत कलाकारों को प्रतिमाह ₹2000 की आर्थिक सहायता दी गई थी, और लोक संस्कृति को समर्पित कलाकारों को पेंशन दी जा रही है।


🪶 गुरु-शिष्य परंपरा से संस्कृति की विरासत सहेजने का प्रयास

राज्य में छह माह की लोक प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं, जिससे युवा पीढ़ी को हमारी पौराणिक संस्कृति के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
साथ ही उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान, साहित्य भूषण और लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड के माध्यम से उत्कृष्ट साहित्यकारों को सम्मानित किया जा रहा है।


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🌺 “यह दशक उत्तराखंड का दशक है” — सीएम धामी

मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री जी का कथन ‘यह दशक उत्तराखंड का दशक है’ हमारे लिए ऊर्जा और प्रेरणा का स्रोत है। इस कथन को साकार करने में हमारी मातृशक्ति अग्रदूत बनेगी।”
उन्होंने सभी से प्रधानमंत्री के ‘स्वदेशी अपनाओ, देश को मजबूत बनाओ’ मंत्र को आत्मसात करने का आह्वान किया।


💫 महिला सशक्तिकरण की दिशा में ‘लखपति दीदी योजना’ की मिसाल

मुख्यमंत्री ने महोत्सव स्थल पर महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी निरीक्षण किया।
इन स्टॉलों में स्थानीय उत्पाद प्रदर्शित किए गए थे। उन्होंने कहा कि ‘लखपति दीदी योजना’ के तहत महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर हैं।


👥 बड़ी संख्या में जनता और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति

कार्यक्रम में कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, आईजी रिद्धिमा अग्रवाल, एसएसपी पी.एस. मीणा, प्रभारी जिलाधिकारी अनामिका सहित जनप्रतिनिधि, लोक कलाकार और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनता मौजूद रही।

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