म्यांमार की सेना ने गुरुवार को देश में पिछले चार वर्षों से लागू आपातकाल को समाप्त करने का फैसला लिया है। 1 फरवरी 2021 को सैन्य तख्तापलट के जरिए सत्ता में आई सेना ने अब एक नई राजनीतिक व्यवस्था की घोषणा की है।
कमांडर-इन-चीफ और सैन्य जुंटा के प्रमुख मिन आंग ह्लाइंग ने 30 सदस्यीय संघीय सरकार के गठन की घोषणा करते हुए अपने करीबी सहयोगी न्यो सॉव को अंतरिम प्रधानमंत्री नियुक्त किया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब देश में लंबे समय से विरोध-प्रदर्शन, गृहयुद्ध और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना किया जा रहा है।
म्यांमार में आखिरी बार आम चुनाव वर्ष 2020 में हुए थे, जिनमें आंग सान सू की की पार्टी ने भारी जीत दर्ज की थी। लेकिन 2021 की शुरुआत में सेना ने सत्ता अपने हाथ में लेकर आपातकाल लागू कर दिया था। इसके बाद देश में लोकतंत्र की बहाली की मांग को लेकर भारी आंदोलन शुरू हो गए थे।
सेना के इस नए फैसले को म्यांमार के भविष्य के लिए एक अहम मोड़ माना जा रहा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय और नागरिक संगठनों की नजर अब इस बात पर है कि क्या यह घोषणा वास्तव में लोकतंत्र की ओर वापसी होगी या सिर्फ सत्ता बनाए रखने की नई रणनीति।
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