उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जनपद से शुक्रवार को एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। पाली लिंक रोड पर एक ऑल्टो K10 कार अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर ही तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना की सूचना मिलते ही SDRF की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच कई घंटों तक राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। पहाड़ी क्षेत्र होने और खाई अत्यधिक गहरी होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन काफी कठिन माना जा रहा था, लेकिन SDRF जवानों ने साहस और तत्परता दिखाते हुए घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
सूचना मिलते ही हरकत में आई SDRF टीम
जानकारी के अनुसार, 30 मई 2026 को डीसीआर रुद्रप्रयाग द्वारा SDRF पोस्ट अगस्त्यमुनि को सूचना दी गई कि पाली लिंक रोड पर एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर गहरी खाई में गिर गया है। सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक धर्मेंद्र पवार के नेतृत्व में SDRF टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुई। पहाड़ी मार्ग और खराब परिस्थितियों के बावजूद टीम ने तेजी से मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त वाहन ऑल्टो K10 कार थी, जिसमें कुल आठ लोग सवार थे। वाहन अचानक नियंत्रण खो बैठा और सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरा। हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोग भी मदद के लिए घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
गहरी खाई में चला घंटों रेस्क्यू ऑपरेशन
SDRF टीम के लिए यह ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। खाई काफी गहरी और क्षेत्र पथरीला था, जिसके कारण नीचे तक पहुंचना आसान नहीं था। इसके बावजूद जवानों ने रस्सियों और विशेष रेस्क्यू उपकरणों की मदद से नीचे उतरकर एक-एक घायल को बाहर निकाला। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही थी और उन्हें प्राथमिक उपचार देने के बाद जिला अस्पताल भेजा गया।
रेस्क्यू अभियान के दौरान पांच लोगों को जीवित बाहर निकाला गया, जबकि तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। SDRF टीम ने मृतकों के शवों को भी खाई से बाहर निकालकर आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला पुलिस को सौंप दिया। स्थानीय प्रशासन ने SDRF की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।
हादसे में तीन लोगों की दर्दनाक मौत
इस भीषण हादसे में जिन लोगों की मौत हुई है, उनकी पहचान महेन्द्र सिंह (68 वर्ष), अंजन सिंह (42 वर्ष) और संगीता देवी (32 वर्ष) के रूप में हुई है। तीनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि हादसा इतना गंभीर था कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
मृतकों के परिजनों में हादसे के बाद कोहराम मचा हुआ है। गांव में शोक की लहर फैल गई है और पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार किसी निजी कार्य से यात्रा पर निकला था, लेकिन रास्ते में यह दर्दनाक हादसा हो गया।
पांच घायल जिला अस्पताल में भर्ती
हादसे में घायल हुए लोगों में रेशमा देवी, दक्षित (05 वर्ष), सानवी (03 वर्ष), वैभव (10 वर्ष) और विहान (08 वर्ष) शामिल हैं। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उन्हें लगातार निगरानी में रखा गया है।
सबसे ज्यादा चिंता बच्चों की हालत को लेकर जताई जा रही है। हादसे के बाद छोटे बच्चों की चीख-पुकार और परिजनों की हालत देखकर मौके पर मौजूद लोग भी भावुक हो गए। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता देने की मांग की है।
उथिंड गांव में पसरा मातम
बताया गया है कि सभी मृतक और घायल रुद्रप्रयाग जनपद के उथिंड गांव के निवासी हैं। एक ही गांव के कई लोगों के हादसे का शिकार होने से पूरे गांव में शोक की स्थिति बन गई है। गांव में लोगों की भीड़ पीड़ित परिवारों के घरों पर जुटने लगी है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में कई सड़कें बेहद संकरी और जोखिमभरी हैं। बारिश और भूस्खलन के कारण दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है। ऐसे में सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए जाने बेहद जरूरी हैं।
पहाड़ी सड़कों पर लगातार बढ़ रहे हादसे
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। खराब सड़कें, तीखे मोड़, गहरी खाइयां और मौसम की खराब परिस्थितियां अक्सर हादसों का कारण बनती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बेहद जरूरी होती है।
स्थानीय प्रशासन समय-समय पर लोगों को सतर्क रहने की अपील करता है, लेकिन इसके बावजूद दुर्घटनाओं में कमी नहीं आ रही। इस ताजा हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती आशंका वाहन के अनियंत्रित होने की जताई जा रही है, हालांकि तकनीकी कारणों की भी जांच की जाएगी। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
SDRF, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई के बाद मार्ग को सामान्य कराया गया। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करते समय सावधानी बरतें और मौसम की जानकारी लेकर ही सफर करें।
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