प्रदेश के सबसे बड़े बांधों में से एक बीसलपुर में पानी की आवक कम होने लगी है। इसके चलते रविवार को बांध के 2 गेट बंद कर दिए गए हैं। अभी चार गेटों से प्रति सेकंड 12 हजार 20 क्यूसेक पानी की निकासी बनास नदी में की जा रही है। बांध में पानी की आवक के मुख्य स्रोत त्रिवेणी के यहां पानी का गेज 3.40 मीटर बना हुआ है लेकिन प्रदेश में फिलहाल बारिश का दौर थम चुका है ऐसे में अगले तीन-चार दिन बारिश नहीं होती है तो शेष 4 गेट भी बंद कर दिए जाएंगे।
राजस्थान में मानसून पर ब्रेक लगने के बाद अब बांधों से छोड़े जाने वाले पानी की रफ्तार भी कम कर दी गई है। प्रदेश के सबसे बड़े बांधों में से एक बीसलपुर में त्रिवेणी की आवक घटने के बाद बांध के 2 गेट रविवार को बंद कर दिए गए हैं। अभी चार गेटों से प्रति सेकंड 12 हजार 20 क्यूसेक पानी की निकासी बनास नदी में की जा रही है। बांध में पानी की आवक के मुख्य स्रोत त्रिवेणी के यहां पानी का गेज 3.40 मीटर बना हुआ है लेकिन प्रदेश में फिलहाल बारिश का दौर थम चुका है ऐसे में अगले तीन-चार दिन बारिश नहीं होती है तो शेष 4 गेट भी बंद कर दिए जाएंगे बीसलपुर बांध के जलस्तर को निर्धारित भराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर तक बनाए रखा जा रहा है। बांध में त्रिवेणी से 1201 क्यूसेक और अन्य स्त्रोत से 10819 क्यूसेक प्रति सेकंड पानी की आवक हो रही है।
गौरतलब है कि 5 साल बाद 6 सितंबर को बीसलपुर बांध छलकने के बाद जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने विधिवत पूजा-अर्चना कर बांध के दो गेट खोले थे। इसके बाद भी बाद में पानी की आवक बढ़ने पर दो बार दो-दो गेट और खोलने पड़े। रविवार तक कुल छह गेटों से पानी निकासी की जा रही थी। अब बांध में पानी की आवक कमजोर पड़ने से रविवार को दो गेटों को बंद करना पड़ा। अन्य चार गेट भी आधा-आधा मीटर खोलकर 12 हजार 20 क्यूसेक पानी बनास नदी में छोड़ा जा रहा है। बांध में जैसे-जैसे पानी की आवक कम होती जाएगी, वैसे-वैसे गेट बंद करते जाएंगे।
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