प्रयागराज: महाकुंभ के पावन अवसर पर हुई भयावह भगदड़ ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। पहले इसे एक अप्राकृतिक दुर्घटना माना जा रहा था, लेकिन अब इस मामले में साज़िश का एंगल सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, इस भगदड़ के पीछे सोची-समझी रणनीति थी, जिसे कुंभ में मौजूद लाखों श्रद्धालुओं के बीच अराजकता फैलाने के इरादे से अंजाम दिया गया।
STF जांच में साज़िश के संकेत, कई संदिग्धों पर नजर
STF (स्पेशल टास्क फोर्स) की प्रारंभिक जांच में ऐसे सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान सामने आए हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि भगदड़ एक पूर्व नियोजित साज़िश का हिस्सा हो सकती है।
सूत्रों का कहना है कि—
- भगदड़ एक विशेष स्थान पर, एक तयशुदा समय पर हुई।
- कुछ अज्ञात लोग भीड़ को भड़काते और गुमराह करते दिखे।
- कई झूठी अफवाहें फैलाई गईं, जिससे लोग घबरा गए और भागने लगे।
- भगदड़ से ठीक पहले कुछ संदिग्ध लोगों की मोबाइल गतिविधि असामान्य पाई गई है।
STF की टीमें अब इस एंगल से जांच कर रही हैं कि क्या यह भगदड़ किसी गहरी साज़िश का हिस्सा थी, जिससे मेले में अराजकता फैलाई जा सके।
भगदड़ कैसे हुई? चश्मदीदों की जुबानी
भगदड़ में फंसे श्रद्धालुओं के अनुसार, मेले में अचानक अफरा-तफरी मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे। किसी ने कहा कि पुल गिरने वाला है, तो किसी ने कहा कि बिजली का तार गिर गया। इस अफवाह के चलते हजारों श्रद्धालु एक ही दिशा में भागने लगे और भगदड़ मच गई।
एक चश्मदीद श्रद्धालु, रामप्रसाद मिश्रा, ने बताया—
“हम सब शांति से गंगा स्नान कर रहे थे, तभी अचानक किसी ने चिल्लाना शुरू कर दिया कि पुल टूट रहा है। फिर क्या था, हर कोई जान बचाने के लिए दौड़ पड़ा।”
क्या है प्रशासन की प्रतिक्रिया?
प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं और STF को इस पूरे मामले की तह तक जाने को कहा गया है। अधिकारियों का कहना है कि—
➡ “अगर यह साज़िश है, तो इसके जिम्मेदार लोगों को जल्द पकड़ा जाएगा।”
➡ “कुंभ मेले की सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा।”
➡ “हर आने-जाने वाले संदिग्ध व्यक्ति पर नजर रखी जा रही है।”
क्या भगदड़ में किसी आतंकी संगठन का हाथ?
STF अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह भगदड़ किसी संगठित गिरोह या आतंकी संगठन की चाल थी? कई बार इस तरह की घटनाओं का इस्तेमाल धार्मिक स्थलों को अस्थिर करने के लिए किया जाता है।
क्या होगा आगे?
➡ STF संदिग्ध मोबाइल कॉल्स और सोशल मीडिया पोस्ट की जांच कर रही है।
➡ ड्रोन फुटेज और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की गहराई से जांच हो रही है।
➡ भगदड़ के वक्त मौजूद सुरक्षाकर्मियों और गवाहों से पूछताछ जारी है।
कुंभ की आस्था पर हमला बर्दाश्त नहीं!
भगदड़ से श्रद्धालुओं में गहरा रोष है। लोग मांग कर रहे हैं कि—
✅ इस साज़िश के मास्टरमाइंड को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
✅ कुंभ की सुरक्षा को और कड़ा किया जाए।
✅ लापता श्रद्धालुओं को जल्द खोजा जाए।
STF की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, यह मामला एक साधारण हादसे से कहीं ज्यादा गंभीर होता जा रहा है। क्या सच में यह एक सोची-समझी साज़िश थी? या फिर यह प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा था? STF की रिपोर्ट से जल्द इस पर से पर्दा उठेगा।
सवाल जो अभी भी बाकी हैं…
❓ भगदड़ अचानक हुई या इसे योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया?
❓ क्या मेले में मौजूद किसी गिरोह या आतंकी संगठन का हाथ था?
❓ क्या श्रद्धालुओं को बचाने के लिए सुरक्षा उपाय पर्याप्त थे?
STF की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही इन सवालों के जवाब मिलेंगे। तब तक सावधान रहें, सतर्क रहें और अफवाहों से बचें।
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Amitendra Sharma is a digital news editor and media professional with a strong focus on credible journalism, public-interest reporting, and real-time news coverage. He actively works on delivering accurate, fact-checked, and reader-centric news related to Uttarakhand, governance, weather updates, and socio-political developments.