करौली, राजस्थान – ये कहानी किसी फ़िल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं। एक पति ने अपनी पत्नी को रेलवे में नौकरी दिलाने के लिए अपनी ज़मीन तक बेच दी, लेकिन जब पत्नी की ज़िंदगी पटरी पर आ गई, तो पति को ही उतरने का इशारा दे दिया!
नौकरी दिलाने का ‘टिकट’
पति महाशय ने अपनी अर्धांगिनी को सरकारी नौकरी दिलाने के लिए 15 लाख रुपए झोंक दिए। डमी कैंडिडेट तक का इंतज़ाम किया और जैसे-तैसे रेलवे की नौकरी पक्की करा दी। लेकिन यहाँ खेल सिर्फ़ इतना ही नहीं था, असली ट्विस्ट तो बाद में आया।

बेरोजगारी का ‘सिग्नल’
नौकरी लगने के बाद पत्नी ने अचानक सुर बदल लिए। 6 महीने तक सरकारी तनख़्वाह का आनंद लेने के बाद उसे महसूस हुआ कि अब वह किसी ‘बेरोजगार’ इंसान के साथ नहीं रह सकती! बस फिर क्या था, उसने अपने पति से किनारा करने के संकेत देने शुरू कर दिए।
पति ने खोली पोल, सीबीआई हुई सक्रिय
पत्नी का ये रवैया पति को नागवार गुज़रा और उसने ठान लिया कि अब उसका ‘रिवर्स गियर’ लगाना ही पड़ेगा। उसने अधिकारियों को सबूतों के साथ बताया कि उसकी पत्नी की नौकरी फर्जी तरीके से लगी थी। मामला सामने आते ही रेलवे ने तुरंत एक्शन लिया और पत्नी को सस्पेंड कर दिया।
अब सीबीआई इस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि रेलवे भर्ती में और कितने ‘डमी प्लेयर्स’ एक्टिव हैं।
पति-पत्नी के रिश्ते को लेकर तो समाज सदियों से उपदेश देता आया है, लेकिन इस मामले से एक नई सीख मिली – ‘नौकरी लगवाने से पहले प्यार का बांड भी पक्काकरवा लेना चाहिए!’
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