नई दिल्ली: हाल ही में भाजपा से नवनिर्वाचित विधायक रविंदर नेगी ने जब अपने विधानसभा कार्यालय का दौरा किया, तो जो नज़ारा उन्होंने देखा, वह किसी सदमे से कम नहीं था। यह वही कार्यालय है, जहां पहले आप नेता मनीष सिसोदिया का कब्जा था।
जैसे ही नेगी कार्यालय में पहुंचे, वहां की हालत देखकर उनके होश उड़ गए! कमरा लगभग खाली पड़ा था।
✅ गायब थे –
🔹 एसी और टीवी
🔹 टेबल और कुर्सियाँ
🔹 यहाँ तक कि पंखे और पर्दे भी!
सरकारी संपत्ति का इस तरह गायब होना गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या यह महज़ संयोग है, या फिर पूर्व विधायक के कार्यकाल में सरकारी संपत्ति को लेकर बड़ी गड़बड़ी हुई?
भाजपा का बड़ा आरोप
भाजपा ने इस घटना को लेकर दिल्ली सरकार पर निशाना साधते हुए पूछा कि आखिर सरकारी सामान कहां गया? क्या इसकी साजिशन चोरी की गई या फिर यह सत्ता परिवर्तन के साथ कोई नई परंपरा बन गई है?
आप का बचाव
वहीं, आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता ने इस मामले में पल्ला झाड़ते हुए कहा कि संपत्ति की जिम्मेदारी सरकार की होती है, विधायक की नहीं।
अब क्या होगा?
इस घटना के बाद नए विधायक ने जांच की मांग की है। क्या इस चोरी की परतें खुलेंगी? या यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में ही दबकर रह जाएगा?
सवाल वही है—
सरकारी संपत्ति कहां गई?
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