भांग के रंग में टुनटुना गई होली – कोई गुलाल उड़ाए, कोई खुद उड़ जाए!
अजी कहाँ हो? होली है भइया! रंग-गुलाल उड़ चुका, पिचकारी की धार छूट चुकी, और ठंडाई के घूंट के साथ भांग का सुरूर चढ़ चुका! अब तो जिसे देखो वही टुनटुना है – कोई नाच रहा है, कोई दौड़ रहा है, और कोई खुद को रंग के समुद्र में गोता लगाता हुआ पा रहा है!

गली-गली रंग, मुहल्ले-मुहल्ले हुड़दंग!
दिल्ली के कनॉट प्लेस से लेकर बनारस के घाटों तक, जयपुर के चौकों से लेकर मुंबई के बीचों तक – हर जगह होली की ऐसी धूम है कि कोई पहचान में ही नहीं आ रहा! सफेद कुर्ते कब लाल-नीले-बैंगनी हो गए, पता ही नहीं चला! कोई गुलाल उड़ाने के बहाने दोस्त के चेहरे पर पोत रहा है, तो कोई दौड़-दौड़कर पकड़े जाने का इंतजार कर रहा है कि कब कोई रंग लगाए और वो भी चिल्लाए – “बुरा न मानो, होली है!”
भांग की तरंग और ठंडाई का तड़का!
अब भई, होली का असली मजा तो भांग में है! सुबह ठंडाई के नाम पर जो घूंट गले से नीचे उतरा था, वो अब असर दिखाने लगा है। कोई हंसते-हंसते गिर रहा है, कोई बार-बार एक ही बात दोहरा रहा है, तो कोई रंग लगाने के बजाए लोगों को गले लगाने में ही मस्त है! “भैया, तुम कौन?” – “अरे यार, मैं तो तेरा बचपन का दोस्त हूँ!” – और फिर झप्पी के साथ रंगों की नई परत चढ़ जाती है!

ब्रज की होली – लट्ठमार से लेकर फूलों की बौछार तक!
अब वृंदावन-मथुरा की होली का क्या कहें! बरसाना में लट्ठमार होली में लड़कों की पिटाई में जितना मजा लड़कियों को आया, उतना ही रस लड़कों को भी आ रहा था! श्रीकृष्ण की नगरी में फूलों की होली से लेकर गुलाल की बौछार तक, ऐसा लग रहा था जैसे आसमान भी होली के रंग में रंग गया हो!
सेलिब्रिटीज भी नाचे रंग में रंग के!
बॉलीवुड की होली तो हमेशा सुर्खियों में रहती है! रणवीर सिंह गुलाबी हो चुके हैं, अजय देवगन को पहचान पाना मुश्किल है, और विराट कोहली तो गेंद की जगह अब रंग उछाल रहे हैं! सोशल मीडिया पर हर कोई होली के रंग में रंगी तस्वीरें डाल रहा है, और कैप्शन वही – “बुरा न मानो, होली है!”

मस्ती चालू आहे – अभी तो पार्टी बाकी है!
गुझिया खा-खाकर पेट फूल चुका, भांग चढ़ाकर दिमाग झूम चुका, लेकिन म्यूजिक बंद करने को कोई तैयार नहीं! ढोल की थाप तेज हो रही है, डीजे पर ‘बलम पिचकारी’ की बीट्स पर लोग ऐसे नाच रहे हैं जैसे गुरुत्वाकर्षण खत्म हो गया हो!
तो भइया, अब मोबाइल रखो, गुलाल उठाओ, और जो सामने दिखे उसे पूरा रंग दो! क्योंकि आज तो बस एक ही कानून है – “बुरा न मानो, होली है!”
Amitendra Sharma is a digital news editor and media professional with a strong focus on credible journalism, public-interest reporting, and real-time news coverage. He actively works on delivering accurate, fact-checked, and reader-centric news related to Uttarakhand, governance, weather updates, and socio-political developments.