13 मई 2025 | श्रीनगर/नई दिल्ली
भारत ने आतंकवाद के खिलाफ एक और निर्णायक कदम उठाते हुए भारतीय सेना ने आज ‘ऑपरेशन केल्लर’ (Operation KELLAR) का औपचारिक शुभारंभ किया है। यह ऑपरेशन सीमापार से हो रहे आतंकवाद, घुसपैठ, और जम्मू-कश्मीर व उत्तरी राज्यों में सक्रिय आतंकवादी संगठनों के विरुद्ध सबसे व्यापक व आधुनिक सैन्य अभियान माना जा रहा है।
ऑपरेशन का उद्देश्य – आतंक के नेटवर्क को जड़ से उखाड़ना
‘ऑपरेशन केल्लर’ का नाम कश्मीर की पहाड़ी पंक्तियों में बसे एक रणनीतिक क्षेत्र से लिया गया है, जो हाल ही में आतंकियों की घुसपैठ और शरण का गढ़ बनता जा रहा था। इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य है:
- नियंत्रण रेखा के पास छिपे आतंकियों का सफाया
- सीमापार से होने वाली घुसपैठ पर निर्णायक प्रहार
- आतंकी फंडिंग और स्थानीय सहयोगियों की कमर तोड़ना
- उच्च तकनीकी निगरानी से सीमाओं की सुरक्षा को और सशक्त बनाना
DRONE, AI और नई तकनीक से लैस ‘किलर स्ट्राइक टीम्स’ मैदान में उतरीं
सेना ने इस ऑपरेशन में आधुनिक हथियारों के साथ-साथ AI आधारित निगरानी सिस्टम, हाई-टेक ड्रोन, रात्रि-विज़न स्क्वॉड्स और साइलेंट स्काउट यूनिट्स को तैनात किया है। NSG और PARA SF की यूनिट्स को भी एक्टिव किया गया है, जो सीमावर्ती और शहरी इलाकों में छिपे स्लीपर सेल्स पर विशेष कार्रवाई करेंगी।
जनरल उपेन्द्र द्विवेदी का बयान:
सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने कहा, “ऑपरेशन केल्लर केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत की आंतरिक सुरक्षा और वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ हमारी रणनीतिक चेतावनी है। हम हर उस हाथ को कुचलेंगे जो भारत की ओर गलत इरादे से उठेगा।”
पाकिस्तान पर अप्रत्यक्ष संदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि इस ऑपरेशन के माध्यम से भारत ने पाकिस्तान को एक बार फिर स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत अब सिर्फ रक्षा नहीं करता, बल्कि प्री-एम्प्टिव स्ट्राइक्स और आक्रामक नीति के तहत आगे बढ़ता है।
स्थानीय सहयोगियों पर भी शिकंजा कसना शुरू
इस अभियान में NIA और RAW भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। हवाला नेटवर्क, डिजिटल फंडिंग चैनल्स और सोशल मीडिया आधारित भड़काऊ नेटवर्क को ट्रैक करके कार्रवाई की जा रही है।
कश्मीर घाटी में हाई अलर्ट – आम नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए विशेष प्रबंध
घाटी के संवेदनशील जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। ड्रोन पेट्रोलिंग, सर्च ऑपरेशन और नागरिकों की सहायता के लिए मोबाइल सुरक्षा कैंप लगाए गए हैं। सेना ने स्पष्ट किया है कि इस ऑपरेशन में नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
“ऑपरेशन केल्लर” एक निर्णायक मोड़
विश्लेषकों के अनुसार यह ऑपरेशन भारत की नई सैन्य नीति – “घुसकर मारो, जड़ से काटो” का हिस्सा है। इसका प्रभाव न केवल सीमावर्ती इलाकों में बल्कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक मंचों पर भी देखा जाएगा। अमेरिका, फ्रांस और इज़रायल जैसे देशों ने भारत के इस कदम का समर्थन किया है।
Amitendra Sharma is a digital news editor and media professional with a strong focus on credible journalism, public-interest reporting, and real-time news coverage. He actively works on delivering accurate, fact-checked, and reader-centric news related to Uttarakhand, governance, weather updates, and socio-political developments.