देहरादून
देवभूमि उत्तराखंड से एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसने पूरे सनातन समाज को झकझोर दिया है।
भगवा वस्त्र, जटाजूट और गीता-पुराण का मुखौटा ओढ़े 25 फर्जी साधु – असल में निकले ठग, तांत्रिक और अंतरराष्ट्रीय जालसाज!
इनमें से एक बांग्लादेशी नागरिक खुद को “ज्योतिषाचार्य” बताकर वर्षों से उत्तर भारत में चला रहा था ठगी और पाखंड का नेटवर्क!

यह सनसनीखेज पर्दाफाश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर चलाए जा रहे #OperationKalnemi के तहत हुआ – जो अब एक धार्मिक शुद्धिकरण अभियान का रूप ले चुका है।
🔥 जब पुलिस ने खोला पाखंड का दरवाजा, तो निकली फर्जी सनातन की कालिख!
देहरादून के अलग-अलग आश्रमों और धार्मिक स्थलों से जब पुलिस ने इन भेषधारियों को उठाया, तो नजारा चौंकाने वाला था।
किसी के पास न कोई सन्यास परंपरा, न गुरु, न ही किसी धार्मिक संस्था से जुड़ाव।
सिर्फ भगवा पहनकर, मंत्र जप कर, भय दिखा कर, महिलाओं और बुजुर्गों से लाखों रुपये ऐंठने की गहरी साजिश।
👉 कई ऐसे “फर्जी बाबा” तो महिलाओं से एकांत तांत्रिक साधना के नाम पर मिलते थे और शारीरिक व मानसिक शोषण करते थे।
🌍 बांग्लादेशी फर्जी ‘ज्योतिषाचार्य’ – एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का सिरा?
गिरफ्तार आरोपियों में सबसे खतरनाक नाम एक बांग्लादेशी युवक का है, जो धर्म, तंत्र और भविष्यवाणी के नाम पर उत्तराखंड, यूपी, बिहार और नेपाल तक अपने ‘क्लाइंट्स’ बना चुका था।
इसने नकली पासपोर्ट, फर्जी पहचान-पत्र और “कुंडली सॉफ़्टवेयर” के दम पर हजारों लोगों की जिंदगी और आस्था से खिलवाड़ किया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इसके मोबाइल और लैपटॉप से सैकड़ों महिलाओं की तस्वीरें, वॉयस रिकॉर्डिंग और चैट्स बरामद हुए हैं, जिनसे ब्लैकमेलिंग और ठगी के संकेत मिले हैं।
📢 CM धामी की गर्जना: “हर नकली साधु – कालनेमि है!”
“ये कालनेमि सनातन के भेष में राक्षस हैं। अब धर्म के नाम पर चल रही इस ठगी और पाखंड की दुकान को पूरी तरह बंद किया जाएगा।
हमारी सरकार हर देवी-देवता, हर श्रद्धा और हर आस्था की रक्षा के लिए संकल्पबद्ध है।”
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड
🔍 क्या मिला इनके पास?
- नकद ₹18 लाख
- नकली धार्मिक प्रमाणपत्र
- विदेशी सिम और मोबाइल
- ब्लैकमेलिंग स्क्रिप्ट्स
- महिलाओं को फंसाने वाले “तांत्रिक यंत्र”
⚖ FIR की धाराएं भी उतनी ही खतरनाक
इन पर लगी हैं IPC की गंभीर धाराएं:
- 419/420 (ठगी)
- 467/468 (फर्जी दस्तावेज़)
- 295A (धार्मिक भावनाओं का अपमान)
- विदेशी अधिनियम
- IT एक्ट व साइबर क्राइम की धाराएं
बांग्लादेशी नागरिक पर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों और विदेशी फंडिंग की संभावनाओं की भी जांच की जा रही है।
📢 अब “कालनेमि युग” का अंत निकट है!
यह कार्रवाई कोई साधारण पुलिस रेड नहीं – बल्कि सनातन धर्म की रक्षा में एक ऐतिहासिक मोर्चा है।
आगामी दिनों में पूरे उत्तराखंड में सभी साधु-संतों की पहचान और वैधता की जांच शुरू की जाएगी।
जो भी पाखंडी पाया गया – चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो – भस्म किया जाएगा… क़ानूनी और सामाजिक दोनों स्तरों पर।
🛑 अब भगवा सिर्फ वस्त्र नहीं, जिम्मेदारी है।
पाखंडियों के लिए देवभूमि में अब कोई स्थान नहीं।
“ऑपरेशन कालनेमि” बना धर्मरक्षा का यज्ञ – जिसमें झूठ की आहुति तय है।
Amitendra Sharma is a digital news editor and media professional with a strong focus on credible journalism, public-interest reporting, and real-time news coverage. He actively works on delivering accurate, fact-checked, and reader-centric news related to Uttarakhand, governance, weather updates, and socio-political developments.
