उत्तरकाशी/देहरादून –
साइबर अपराधियों ने अब अधिकारियों के नाम का भी दुरुपयोग शुरू कर दिया है। उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्या के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाई गई है, जिससे आम नागरिकों को ठगने की कोशिश हो रही है। ठग, खुद को DM बताकर लोगों को सस्ते सामान का लालच दे रहे हैं और पैसे ट्रांसफर कराने का प्रयास कर रहे हैं।

इस घटना को प्रशासन ने गंभीर साइबर अपराध मानते हुए जांच तेज कर दी है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्या ने स्वयं कहा है कि लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके आधार पर तत्काल साइबर सेल को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा,
“किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।”
DM आर्या ने जनता को सतर्क करते हुए अपील की है कि किसी भी अनजाने लिंक, संदिग्ध प्रोफाइल या मैसेज पर यकीन न करें, और ऐसे मामलों की जानकारी तुरंत संबंधित विभागों को दें।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सरकारी अधिकारियों के नाम और पहचान का दुरुपयोग कर जनता को भ्रमित करने वाले तत्वों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी निर्देश जारी किया गया है कि नागरिक केवल अधिकृत और सत्यापित सोशल मीडिया हैंडल्स पर ही भरोसा करें।
प्रशासन की ओर से एक विशेष निगरानी टीम गठित की गई है, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 24 घंटे नजर रखेगी और संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट करेगी।
यह मामला न केवल जनता की सुरक्षा से जुड़ा है, बल्कि प्रशासनिक प्रतिष्ठा पर भी सीधा हमला है। ऐसे में यह जरूरी हो गया है कि हर नागरिक सजग रहे, और साइबर ठगों के इस जाल में फंसने से बचे।
अब वक्त है कि हर ठगी को जवाब मिले — कानून से, जागरूकता से और एकजुट सतर्कता से।