देहरादून, 19 सितंबर 2025
उत्तराखंड शासन की कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने सभी विभागों को ‘आउटकम इंडिकेटर्स’ (Key Outcome Indicators – KOI) तय करने के सख्त निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट कहा कि विभागों को यह आकलन करना होगा कि उन्होंने बीते वर्षों में अपने कार्यक्षेत्र में कितनी प्रगति दर्ज की है। इन संकेतकों के आधार पर न केवल योजनाओं की सफलता मापी जाएगी, बल्कि यह भी तय होगा कि विभाग किस दिशा में आगे बढ़ रहा है।
हर विभाग के लिए तय होंगे अलग पैमाने
मुख्य सचिव ने विभागवार उदाहरण भी प्रस्तुत किए—
- सिंचाई विभाग: यह देखा जाए कि कितनी प्रतिशत खेती योग्य भूमि को वर्षा आधारित सिंचाई से निकालकर स्थायी सिंचाई प्रणाली में लाया गया।
- पर्यटन विभाग: किसी योजना के लागू होने के बाद राज्य में आने वाले पर्यटकों की संख्या, पर्वतारोहियों और ट्रैकिंग करने वालों की संख्या में कितनी वृद्धि हुई।
- कृषि विभाग: उत्पादकता में कितनी बढ़ोतरी हुई और किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) का क्रेडिट फ्लो कितना बढ़ा।
- परिवहन विभाग: यातायात सेवाओं की गुणवत्ता, क्षमता उपयोग और राजस्व वृद्धि को मापा जाएगा।
इन पैमानों से शासन को जमीनी स्तर पर योजनाओं के वास्तविक असर की स्पष्ट तस्वीर मिलेगी।

सैनिक कल्याण विभाग पर भी विशेष ध्यान
मुख्य सचिव ने सचिव सैनिक कल्याण को निर्देश दिए कि ‘प्री-रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग’ का दायरा और अधिक बढ़ाया जाए, ताकि युवाओं को रक्षा सेवाओं में भर्ती की तैयारी बेहतर स्तर पर कराई जा सके।
उच्च अधिकारियों की मौजूदगी
बैठक में सचिव श्री नितेश कुमार झा, मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, सचिव श्री श्रीधर बाबू अद्दांकी, सचिव श्री धीरज सिंह गर्ब्याल, सचिव डॉ. रणवीर सिंह चौहान, एपीसीसीएफ श्री कपिल लाल और डीजी होमगार्ड डॉ. पी.वी.के. प्रसाद समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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