दीपों के साथ उम्मीदों की रोशनी: सचिवालय में सजा हुनर का आलम्बन, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने किया शुभारंभ

देहरादून, 9 अक्टूबर 2025

सचिवालय का प्रांगण आज कुछ अलग ही आभा में नहाया था। दीपावली की पूर्व संध्या पर जब मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने “आलम्बन आउटलेट सेंटर” के माध्यम से आयोजित प्रदर्शनी का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया, तो वहाँ उपस्थित हर व्यक्ति की आँखों में चमक थी—संवेदना और गर्व की चमक।

यह कोई सामान्य प्रदर्शनी नहीं थी। यहाँ रखे हर दीये, हर तोरण, हर करवे और हर चित्र के पीछे उन नन्हे हाथों की मेहनत थी जो राजकीय बाल देखरेख संस्थाओं में पल रहे हैं; और उन महिलाओं की लगन थी जो राजकीय महिला गृहों में नई जिंदगी की तलाश कर रही हैं।

मुख्य सचिव ने प्रदर्शनी में रखे उत्पादों को देखकर बच्चों और महिलाओं की सृजनात्मकता की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने स्पष्ट कहा—“इन बच्चों और महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए केवल सहानुभूति नहीं, बल्कि अवसरों की निरंतरता चाहिए। कौशल विकास के प्रशिक्षण को नियमित और स्थायी बनाया जाना समय की मांग है।”

मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि महिला गृहों की संवासिनियों को व्यवसायिक प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने यह बात भी रेखांकित की कि उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार लाकर इन्हें बाज़ार तक पहुँचाने की व्यवस्था होनी चाहिए।

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास के सचिव चन्द्रेश यादव, निदेशक  बी.एल. राणा, मुख्य परिवीक्षा अधिकारी श्रीमती अंजना गुप्ता, राज्य नोडल अधिकारी सुश्री आरती बलोदी, जिला परिवीक्षा अधिकारी श्रीमती मीना बिष्ट और कार्यक्रम प्रबंधक प्रीति उपाध्याय भी इस अवसर पर मौजूद रहीं। सभी ने मिलकर बच्चों और महिलाओं के इन प्रयासों को सराहा।

महिला कल्याण विभाग द्वारा आयोजित यह प्रदर्शनी आगामी 17 अक्टूबर 2025 तक चलेगी। यहाँ दीपावली के पारंपरिक उत्पादों के साथ उत्तराखंड की लोककला—भीमल और ऐंपण पेंटिंग—की झलक भी देखने को मिलेगी। प्रदर्शनी का उद्देश्य केवल बिक्री नहीं, बल्कि इन हाथों को आत्मनिर्भरता की पहचान देना है।

यह आयोजन सिर्फ दीपावली का उत्सव नहीं, बल्कि उन जीवनों की कहानी है जो अंधेरे से उजाले की ओर बढ़ रहे हैं—धीरे-धीरे, पर यकीन के साथ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *