जयपुर की दिल दहला देने वाली त्रासदी: वॉशरूम जाने को निकली बच्ची चौथी मंज़िल से कूदी—नीरजा मोदी स्कूल के CCTV फुटेज ने सबको रुला दिया!

जयपुर: प्रतिष्ठित स्कूल में मासूम अमायरा की मौत से मचा हड़कंप

जयपुर के मानसरोवर इलाके के नीरजा मोदी स्कूल में शनिवार को हुआ यह हादसा हर अभिभावक की रूह कंपा देने वाला है। चौथी कक्षा की नौ वर्षीय अमायरा वॉशरूम जाने के लिए अपनी क्लास से निकली—लेकिन कुछ ही मिनटों बाद वह स्कूल की चौथी मंज़िल से नीचे गिरी पाई गई।
CCTV फुटेज में अमायरा को रेलिंग पर चढ़ते और फिर नीचे गिरते देखा गया। यह दृश्य इतना भयावह और भावनात्मक है कि जिसने भी देखा, उसकी आंखें नम हो गईं।

पुलिस ने इसे “संदिग्ध परिस्थितियों में मौत” बताया है, लेकिन सवाल यह है कि एक 9 साल की बच्ची वॉशरूम जाने निकली और अचानक चौथी मंज़िल से कूद गई—क्यों?


🚨 स्कूल प्रशासन का रवैया बना आक्रोश का कारण

दर्दनाक घटना के बाद जो हुआ, उसने पूरे शहर का गुस्सा भड़का दिया।

  • सबूत मिटाने का आरोप: गिरने के बाद जहां अमायरा का शव मिला, उस जगह को तुरंत पानी से धो दिया गया। खून के निशान और जरूरी साक्ष्य मिटा दिए गए—जांच शुरू होने से पहले ही।
  • जांच टीम को रोका गया: राज्य शिक्षा मंत्री द्वारा भेजी गई जांच टीम को करीब डेढ़ घंटे तक स्कूल गेट पर रोककर रखा गया। प्रिंसिपल और मैनेजमेंट दोनों गायब रहे।
  • CCTV फुटेज पर रहस्य: फुटेज सामने आने के बावजूद स्कूल प्रशासन इसकी पूरी रिकॉर्डिंग देने से बचता दिख रहा है।
  • परिजनों का आरोप: उन्हें देर से जानकारी दी गई, जबकि बच्ची कई मिनट पहले ही गिर चुकी थी।

🕯️ मुरलीपुरा में गम का माहौल—अमायरा की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

देर रात पोस्टमार्टम के बाद अमायरा का शव मुरलीपुरा स्थित ननिहाल लाया गया, जहां सुबह परिजनों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी। मोहल्ले में सन्नाटा पसरा रहा। हर कोई एक ही सवाल कर रहा था—
“एक खुशमिजाज बच्ची अचानक इतना बड़ा कदम कैसे उठा सकती है?”


🤔 क्या ‘बुलिंग’ या मानसिक दबाव के कारण टूटी मासूम अमायरा?

परिजनों ने इशारा किया है कि अमायरा पिछले कुछ दिनों से परेशान थी। सवाल उठ रहे हैं कि क्या स्कूल में उसे bullying या किसी प्रकार की मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी?
क्या स्कूल ने उसके भावनात्मक संकेतों को नज़रअंदाज़ किया?
क्या सुरक्षा के मानक इतने कमजोर थे कि एक बच्ची चौथी मंज़िल से रेलिंग पार कर सके?


🏛️ सरकार और CBSE की जांच शुरू—लेकिन भरोसे की लड़ाई अभी बाकी

राज्य शिक्षा मंत्री ने जांच समिति गठित कर दी है और पीड़ित परिवार से मुलाकात भी की है।
CBSE ने भी टीम भेजकर तथ्य जुटाने शुरू कर दिए हैं।
लेकिन जनता का भरोसा टूट चुका है—
क्या जांच निष्पक्ष होगी?
क्या स्कूल की मान्यता रद्द होगी?
क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या यह मामला भी बाकी घटनाओं की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा?


💔 यह सिर्फ एक बच्ची की मौत नहीं—पूरे सिस्टम का आईना है

अमायरा की मौत हमें याद दिलाती है कि शिक्षा सिर्फ किताबें और परीक्षा नहीं है—यह बच्चों की मानसिक और भावनात्मक सुरक्षा से भी जुड़ी है।
निजी स्कूल अगर लाखों की फीस लेकर भी बच्चों को सुरक्षित माहौल नहीं दे सकते, तो यह पूरे सिस्टम की असफलता है।

यह घटना सिर्फ एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि पूरे समाज की चेतावनी है—
अब वक्त है कि स्कूल जवाबदेह बनें, सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए, और हर बच्चे की मानसिक भलाई को शिक्षा का हिस्सा माना जाए।

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