☀️ राजस्थान में सौर ऊर्जा अपनाने वालों के लिए खुशखबरी
जयपुर, 4 नवम्बर। राजस्थान में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन सामने आया है। अब रूफ टॉप सोलर पैनल से बिजली उत्पन्न कर ग्रिड में भेजने वालों को पहले की तुलना में 55 पैसे प्रति यूनिट अधिक भुगतान मिलेगा। राज्य के तीनों डिस्कॉम्स—जयपुर, अजमेर और जोधपुर विद्युत वितरण निगम—ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
पहले यह दर ₹2.71 प्रति यूनिट थी, जो अब बढ़कर ₹3.26 प्रति यूनिट कर दी गई है। यह बदलाव राजस्थान विद्युत नियामक आयोग के हालिया निर्णय के अनुरूप किया गया है और यह आदेश चालू बिलिंग माह से प्रभावी हो गया है।
🌞 कैसे मिलेगा फायदा
राज्य में वर्तमान में 1 लाख 35 हजार से अधिक घरेलू उपभोक्ता नेट मीटरिंग के माध्यम से सौर ऊर्जा उत्पादन कर रहे हैं। ये उपभोक्ता अपनी छतों पर रूफ टॉप सोलर संयंत्र लगाकर घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजते हैं।
अब दर बढ़ने से इन उपभोक्ताओं को अतिरिक्त आय होगी, जिससे न केवल उनके बिजली बिल में राहत मिलेगी, बल्कि यह योजना और भी आकर्षक बन जाएगी।
💡 पीएम सूर्यघर योजना से बढ़ी सौर ऊर्जा की पहुंच
राजस्थान में पीएम सूर्यघर योजना के तहत अब तक 96,685 उपभोक्ता रूफ टॉप सोलर सिस्टम लगा चुके हैं।
इस योजना में उपभोक्ताओं को 3 किलोवाट तक के रूफ टॉप सोलर संयंत्र पर अधिकतम ₹78,000 तक की केन्द्रीय सहायता मिल रही है।
इस सब्सिडी के साथ अब दर में बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं का सौर ऊर्जा की ओर रुझान और बढ़ने की उम्मीद है।
⚙️ सरकार का उद्देश्य — ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर
राज्य सरकार और डिस्कॉम्स का यह कदम न केवल उपभोक्ताओं के आर्थिक हितों को मजबूत करेगा, बल्कि राजस्थान को ‘सौर ऊर्जा राज्य’ बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।
यह निर्णय देश के ऊर्जा संक्रमण लक्ष्यों के अनुरूप है, जहां केंद्र सरकार 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को दोगुना करने की दिशा में काम कर रही है।
🌍 पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों को लाभ
रूफ टॉप सोलर से मिलने वाली हर यूनिट न केवल उपभोक्ता के लिए फायदेमंद है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी सकारात्मक योगदान देती है। यह कदम कार्बन उत्सर्जन में कमी और ऊर्जा आत्मनिर्भरता दोनों लक्ष्यों को साधेगा।
