एग्रीस्टैक योजना पर गढ़वाल मंडल में एकदिवसीय प्रशिक्षण
एग्रीस्टैक योजनान्तर्गत राज्य के समस्त किसानों की डिजिटल आईडी तैयार करने की दिशा में गढ़वाल मंडल में फार्मर रजिस्ट्री को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। इस उद्देश्य से राजस्व एवं कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें योजना की रूपरेखा और व्यावहारिक प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी गई।
सचिव कृषि/राजस्व की अध्यक्षता में कार्यक्रम
प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता सचिव कृषि/राजस्व एस.एन. पाण्डेय ने की, जबकि राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव रंजना राजगुरू की उपस्थिति भी रही। इस अवसर पर भारत सरकार के प्रतिनिधि चिन्मय मेहता और हर्षद पटेल ने एग्रीस्टैक के तहत फार्मर रजिस्ट्री की तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर प्रशिक्षण प्रदान किया।
फार्मर रजिस्ट्री से मिलेगी यूनिक किसान पहचान
प्रशिक्षण में बताया गया कि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा शुरू की गई फार्मर रजिस्ट्री का उद्देश्य देश के सभी किसानों को सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ना है। इस रजिस्ट्री के माध्यम से किसान पंजीकरण कर अपनी डिजिटल पहचान प्राप्त करेंगे। सफल ई-केवाईसी और फील्ड वेरिफिकेशन के बाद 11 अंकों की यूनिक फार्मर आईडी या किसान आईडी जारी की जाएगी।
उत्तराखंड में पायलट प्रोजेक्ट की सफल शुरुआत
उत्तराखंड में फार्मर रजिस्ट्री का प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट अगस्त 2025 में देहरादून जनपद की तहसील कालसी के राजस्व ग्राम क्यारी और लाटौ तथा तहसील त्यूनी के राजस्व ग्राम हनोल और कांडा में शुरू किया गया। भारत सरकार की टीम के सहयोग से यहां 128 काश्तकारों की फार्मर रजिस्ट्री सफलतापूर्वक तैयार की जा चुकी है।

कृषि और राजस्व विभाग की साझा भूमिका
प्रशिक्षण के दौरान स्पष्ट किया गया कि फार्मर रजिस्ट्री का कार्य कृषि एवं राजस्व विभाग मिलकर करेंगे। कृषि विभाग के कार्मिक रजिस्ट्रेशन अधिकारी की भूमिका निभाएंगे, जबकि राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी वेरिफायर एवं अप्रूवर के रूप में कार्य करेंगे। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित की जा सकेगी।
सरकारी योजनाओं के लाभ में आएगी तेजी और पारदर्शिता
फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी रूप से किसानों तक पहुंचाया जा सकेगा। पहले चरण में पीएम किसान योजना के लाभार्थियों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार की जाएगी, ताकि आगामी किश्तों के भुगतान में किसी प्रकार की बाधा न आए।
नीति निर्माण और किसान कल्याण में होगी मदद
फार्मर रजिस्ट्री से किसानों की सटीक जानकारी उपलब्ध होने पर सरकार को कृषि नीतियों के नियोजन और निर्धारण में सहायता मिलेगी। इसके साथ ही आपदा राहत, कृषि सब्सिडी, फसल ऋण, बीमा योजनाएं और विभिन्न किसान कल्याण कार्यक्रमों की निगरानी भी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।
लगभग 200 अधिकारियों की रही सहभागिता
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में गढ़वाल मंडल के विभिन्न जनपदों से अपर जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, मुख्य कृषि अधिकारी सहित लगभग 200 प्रतिभागियों ने भाग लिया और फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया को समझा।
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