मताधिकार की सुरक्षा हेतु उत्तराखण्ड में BLO आउटरीच अभियान 10 जनवरी तक बढ़ाया गया

प्री-SIR चरण में 65% मतदाताओं की मैपिंग पूरी, घर-घर पहुंच रहे हैं BLO

देहरादून, 31 दिसंबर।
आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उत्तराखण्ड में चल रहे BLO आउटरीच अभियान को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत अब 10 जनवरी 2026 तक बढ़ा दिया गया है। इस निर्णय का उद्देश्य प्रत्येक मतदाता तक पहुंच सुनिश्चित करना और मतदाता सूची की शुद्धता को और अधिक मजबूत बनाना है। प्री-SIR चरण में अब तक लगभग 65 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी कर ली गई है, जिसमें बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) घर-घर जाकर मतदाताओं से संवाद स्थापित कर रहे हैं।


क्या है BLO आउटरीच अभियान का उद्देश्य

BLO आउटरीच अभियान का मुख्य उद्देश्य हर पात्र नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा करना है। इसके अंतर्गत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मतदाता सूची में कोई भी पात्र व्यक्ति छूटे नहीं और अपात्र, मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट प्रविष्टियों को समय रहते चिन्हित किया जा सके। यह पूरी प्रक्रिया आगामी SIR से पहले एक मजबूत आधार तैयार करने के लिए की जा रही है।


1 दिसंबर से चल रहा है प्री-SIR अभियान

सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में, मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम की पहल पर 1 दिसंबर 2025 से प्रदेशभर में BLO आउटरीच अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ईआरओ, बीएलओ और फील्ड ऑफिसर्स की टीमों ने सीमित समय में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए 65 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी कर ली है, जो प्रशासनिक दृष्टि से एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।


2003 की मतदाता सूची से हो रही है मैपिंग

प्री-SIR चरण में विशेष रूप से 2003 की मतदाता सूची को आधार बनाया गया है।

  • जिन मतदाताओं की आयु 38 वर्ष या उससे अधिक है और जिनका नाम 2003 की मतदाता सूची में दर्ज है, उनकी सीधे BLO ऐप के माध्यम से मैपिंग की जा रही है।
  • जिन मतदाताओं का नाम 2003 की सूची में नहीं है, लेकिन उनके माता-पिता या दादा-दादी का नाम उस सूची में दर्ज है, तो उन्हें प्रोजनी (वंशानुक्रम) के आधार पर मैप किया जा रहा है।

यह प्रक्रिया मतदाता सूची की ऐतिहासिक निरंतरता और प्रमाणिकता बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रही है।


ऑनलाइन भी उपलब्ध है 2003 की मतदाता सूची

मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2003 की मतदाता सूची को ऑनलाइन भी उपलब्ध कराया गया है।
मतदाता निम्न वेबसाइट्स पर जाकर अपनी जानकारी सर्च कर सकते हैं—

इस डिजिटल सुविधा से नागरिक स्वयं भी अपनी प्रविष्टियों का सत्यापन कर सकते हैं और किसी भी त्रुटि की जानकारी समय रहते प्रशासन को दे सकते हैं।


घर-घर पहुंचकर संवाद कर रहे हैं BLO

इस अभियान की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि बीएलओ सीधे मतदाताओं के घर पहुंच रहे हैं

  • मतदाताओं से व्यक्तिगत संवाद
  • आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी
  • मतदाता सूची में नाम से जुड़ी शंकाओं का समाधान

इन सभी बिंदुओं पर मौके पर ही मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इससे मतदाताओं में विश्वास बढ़ा है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भागीदारी और मजबूत हो रही है।


जन सामान्य से सहयोग की अपील

सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रदेश के नागरिकों से अपील की है कि वे BLO को अपेक्षित जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि यह अभियान किसी औपचारिकता के लिए नहीं, बल्कि हर मतदाता के संवैधानिक अधिकार की रक्षा के लिए है।
प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि कोई भी योग्य मतदाता अपने अधिकार से वंचित न रहे और मतदाता सूची पूरी तरह पारदर्शी व त्रुटिरहित हो।


लोकतंत्र की नींव को मजबूत करने की पहल

उत्तराखण्ड में BLO आउटरीच अभियान को 10 जनवरी तक बढ़ाया जाना इस बात का संकेत है कि निर्वाचन तंत्र मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर पूरी तरह गंभीर है। यह पहल न केवल आगामी SIR को सुचारु बनाएगी, बल्कि भविष्य के चुनावों में निष्पक्षता और पारदर्शिता को भी मजबूती देगी।

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