हिमालयी राज्यों में बर्फबारी: मनाली से कश्मीर तक सूखे का अंत, पहाड़ों पर लौटी सफ़ेद चादर

🗓️ तारीख

23 जनवरी 2026

हिमालयी राज्यों में बर्फबारी ने लंबे समय से चले आ रहे सूखे के दौर को आखिरकार समाप्त कर दिया है। मनाली से लेकर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर तक हुई ताज़ा बर्फबारी से मौसम में बड़ा बदलाव आया है, जिससे पर्यटन, खेती और जल संसाधनों को राहत मिली है।


🔹 मनाली में सुबह का नज़ारा, पहाड़ों पर जमी बर्फ

शुक्रवार सुबह मनाली में मौसम पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। सड़कें, होटल, वाहन और देवदार के जंगल बर्फ की मोटी परत से ढक गए। सुबह-सुबह बर्फ देखने के लिए सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे स्थानीय पर्यटन कारोबार में अचानक तेजी देखी गई।


हिमालयी राज्यों में बर्फबारी के बाद मनाली में सुबह का दृश्य

🔹 हिमालयी राज्यों में बर्फबारी से हिमाचल में ठंड तेज

हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति, कुल्लू, किन्नौर और शिमला जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में व्यापक बर्फबारी दर्ज की गई। कई पर्वतीय मार्गों पर फिसलन बढ़ने से प्रशासन ने यातायात नियंत्रित किया और बर्फ हटाने की मशीनें तैनात कीं। मौसम विभाग के अनुसार, यह बर्फबारी पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने का परिणाम है।


🔹 उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बदला मौसम

उत्तराखंड के बद्रीनाथ, केदारनाथ, औली और चमोली क्षेत्रों में बर्फबारी से ठंड का असर बढ़ गया है। चारधाम मार्गों पर प्रशासन अलर्ट मोड में है और यात्रियों को मौसम अपडेट देखकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बर्फबारी जलस्रोतों के लिए बेहद फायदेमंद मानी जा रही है।


हिमालयी राज्यों में बर्फबारी के बाद मनाली में सुबह का दृश्य

🔹 हिमालयी राज्यों में बर्फबारी से कश्मीर में लौटी शीतकालीन रौनक

जम्मू और कश्मीर की घाटी में भी बर्फबारी से शीतकालीन माहौल लौट आया है। गुलमर्ग और सोनमर्ग जैसे पर्यटन स्थलों पर बर्फ की मोटी परत जमने से विंटर टूरिज़्म को बढ़ावा मिला है। हालांकि, पहाड़ी दर्रों पर यात्रा करने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।


Weather Alert: उत्तर भारत में घने कोहरे का कहर, 2 पश्चिमी विक्षोभ से बारिश-बर्फबारी की चेतावनी, रहें सावधान

🔹 पर्यटन और किसानों के लिए क्यों अहम है यह बर्फबारी

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हिमालयी राज्यों में बर्फबारी से पर्यटन उद्योग को नई ऊर्जा मिली है। होटल बुकिंग, टैक्सी सेवाओं और स्थानीय कारोबार में बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसके साथ ही यह बर्फबारी रबी फसलों, सेब उत्पादकों और जलविद्युत परियोजनाओं के लिए भी लाभकारी साबित होगी।


🔹 मौसम विभाग का अनुमान और प्रशासन की अपील

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों तक ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड का असर बना रह सकता है और तापमान शून्य से नीचे जा सकता है। प्रशासन ने नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

कुल मिलाकर, हिमालयी राज्यों में बर्फबारी ने पहाड़ों की प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ पर्यटन, कृषि और जल संसाधनों को बड़ी राहत दी है। सूखे के बाद आई यह बर्फबारी आने वाले महीनों के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

One thought on “हिमालयी राज्यों में बर्फबारी: मनाली से कश्मीर तक सूखे का अंत, पहाड़ों पर लौटी सफ़ेद चादर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *