📍 देहरादून | Headlinesip Desk | 6 फरवरी 2026
उत्तराखंड की देवभूमि से आई यह खबर सिर्फ एक सरकारी आदेश नहीं, बल्कि सांस्कृतिक दिशा-निर्देश मानी जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किसान परंपरा, ग्रामीण जीवन और गोवंश के महत्व पर आधारित फिल्म ‘गोदान’ को राज्य में टैक्स फ्री (Tax Free) करने के निर्देश दिए हैं।
यह फैसला ऐसे समय पर आया है, जब भारतीय सिनेमा पर अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या हम अपनी जड़ों से कटते जा रहे हैं? ‘गोदान’ को टैक्स फ्री कर धामी सरकार ने साफ संकेत दे दिया है कि मनोरंजन के साथ-साथ संस्कार और सामाजिक सरोकार भी उतने ही जरूरी हैं।
🌿 परंपरा और प्रगति का संगम
उत्तराखंड हमेशा से परंपरा और आधुनिकता के संतुलन का प्रतीक रहा है। ‘गोदान’ को टैक्स फ्री करने का निर्णय भी इसी सोच को आगे बढ़ाता है।
मुख्यमंत्री धामी का मानना है कि
“जो समाज अपनी संस्कृति और ग्रामीण मूल्यों को समझता है, वही टिकाऊ विकास कर सकता है।”
यह फैसला केवल टिकट सस्ता करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण भारत की कहानियों को मुख्यधारा में लाने की नीति का हिस्सा है।
🎬 फिल्म ‘गोदान’: क्या है खास?
6 फरवरी को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई फिल्म ‘गोदान’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का सिनेमाई दस्तावेज़ है।
फिल्म में प्रमुख रूप से दिखाया गया है—
- किसान परंपरा और गांव का संघर्ष
- गोवंश (Cows) का सामाजिक और आर्थिक महत्व
- बदलते समय में ग्रामीण जीवन की चुनौतियां
सरकार का मानना है कि ऐसी फिल्में—
- समाज को उसकी जड़ों से जोड़ती हैं
- युवाओं में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का भाव जगाती हैं
- बाजार-केन्द्रित सिनेमा के बीच संतुलन बनाती हैं
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🐄 CM धामी का विजन: धर्म से आगे अर्थव्यवस्था तक
मुख्यमंत्री धामी ने अपने बयान में बेहद स्पष्ट और दूरदर्शी बात कही—
“गाय केवल धर्म और आस्था का विषय नहीं है, बल्कि भारतीय समाज और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।”
यह बयान बताता है कि सरकार भावनात्मक नहीं, संरचनात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रही है।
गोवंश का सीधा संबंध—
- जैविक खेती
- दुग्ध उत्पादन
- ग्रामीण रोजगार
- आत्मनिर्भर गांव
से जुड़ा हुआ है। ‘गोदान’ जैसी फिल्में इन मुद्दों को आम लोगों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनती हैं।
🚜 भविष्य की तैयारी: गोवंश संरक्षण और किसान
फिल्म को टैक्स फ्री करने का फैसला उत्तराखंड सरकार के गोवंश संरक्षण मिशन से पूरी तरह जुड़ा हुआ है।
🔹 सरकार की प्रमुख पहलें:
- गोसदन प्रोत्साहन:
निराश्रित और बेसहारा गोवंश की देखभाल के लिए गोसदनों को मजबूत किया जा रहा है। - किसानों की आय बढ़ाने की योजना:
गोपालकों और पशुपालकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। - ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती:
पशुपालन को आजीविका के मजबूत विकल्प के रूप में विकसित किया जा रहा है।
सरकार का विजन साफ है—
👉 संस्कृति के बिना विकास अधूरा है, और किसान के बिना अर्थव्यवस्था कमजोर।
🎥 सामाजिक सिनेमा को मिलेगा भविष्य
मुख्यमंत्री धामी ने यह भी स्पष्ट किया है कि—
उत्तराखंड सरकार सामाजिक, सांस्कृतिक और जनहित से जुड़े विषयों पर बनी फिल्मों और रचनात्मक प्रयासों को भविष्य में भी प्रोत्साहित करती रहेगी।
यह बयान फिल्म निर्माताओं के लिए एक पॉजिटिव पॉलिसी सिग्नल है कि अगर कहानी समाज के लिए है, तो सरकार उसके साथ खड़ी होगी।
एक फिल्म, एक सोच, एक दिशा
‘गोदान’ को टैक्स फ्री करना सिर्फ एक शुरुआत है।
यह फैसला—
- ग्रामीण भारत की कहानियों को ताकत देगा
- सार्थक सिनेमा को बढ़ावा देगा
- और दर्शकों को फिर से मिट्टी से जुड़ने का मौका देगा
अगर आप भारतीय संस्कृति, किसान जीवन और ग्रामीण सच्चाई को करीब से समझना चाहते हैं, तो ‘गोदान’ आपके लिए एक जरूरी फिल्म है—और उत्तराखंड में अब यह और भी सुलभ है।
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Amitendra Sharma is a digital news editor and media professional with a strong focus on credible journalism, public-interest reporting, and real-time news coverage. He actively works on delivering accurate, fact-checked, and reader-centric news related to Uttarakhand, governance, weather updates, and socio-political developments.
