कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले के बाद देशभर में रोष व्याप्त है। इस हमले में निर्दोष पर्यटक मारे गए, और अब इस पर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला है।
प्रियंका गांधी ने सवाल किया—
“बैसरन घाटी में एक भी सुरक्षा कर्मी क्यों मौजूद नहीं था?”
उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा,
“क्या देश के नागरिकों की सुरक्षा प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री की जिम्मेदारी नहीं है?”
प्रियंका के इस बयान ने सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा गरमा गया है, जहां लोग जानना चाहते हैं कि ऐसी संवेदनशील जगह पर पर्याप्त सुरक्षा बल क्यों नहीं था, और चूक कहां हुई।
गौरतलब है कि बैसरन घाटी, पहलगाम का एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, जहां देशभर से सैलानी आते हैं। लेकिन हाल ही में हुए हमले ने पर्यटन क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता बढ़ा दी है।
सरकार की तरफ से गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में बयान दिया कि ऑपरेशन महादेव के तहत सभी तीनों आतंकियों को ढेर कर दिया गया है, लेकिन विपक्ष सरकार से यह पूछ रहा है कि ऐसी घटनाओं को “पहले से रोकने की तैयारी क्यों नहीं थी?”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रियंका गांधी का यह तीखा बयान आगामी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है, जो सीधे तौर पर मोदी सरकार को जवाबदेह ठहराता है। इससे पहले राहुल गांधी ने भी लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में कानून-व्यवस्था को लेकर केंद्र को कठघरे में खड़ा किया था।
अब देखना यह होगा कि केंद्र सरकार इस आरोपों पर क्या सफाई देती है, और क्या सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई बड़ा कदम उठाया जाता है या नहीं।
