देश की चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए Election Commission of India (ECI) ने एक और बड़ा कदम उठाया है। पहले ही 334 राजनीतिक पार्टियों को सूची से बाहर कर चुके आयोग ने अब 476 और पार्टियों को डीलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
क्यों हो रही है कार्रवाई?
Representation of the People Act, 1951 के तहत अगर कोई राजनीतिक पार्टी लगातार 6 साल तक किसी भी चुनाव में हिस्सा नहीं लेती, तो उसे रजिस्टर्ड पार्टियों की सूची से हटा दिया जाता है। इन 476 पार्टियों पर आरोप है कि इन्होंने 2019 से अब तक एक भी चुनाव नहीं लड़ा।
पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
9 अगस्त 2025 को पहले राउंड में 334 RUPPs (Registered Unrecognized Political Parties) का रजिस्ट्रेशन रद्द किया गया था, जिससे कुल संख्या 2,854 से घटकर 2,520 हो गई थी। अब दूसरे राउंड में यह आंकड़ा और कम होगा।
अगला कदम क्या होगा?
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि वे इन पार्टियों को शो-कॉज नोटिस जारी करें। सुनवाई के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।
इसका असर
- निष्क्रिय राजनीतिक पार्टियों पर लगाम
- टैक्स छूट जैसे लाभों के दुरुपयोग पर रोक
- चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वास में वृद्धि
