79वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में लाल किले की प्राचीर से लगातार 12वीं बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया। जवाहर लाल नेहरू के बाद ये गौरव पाने वाले नरेंद्र मोदी देश के दूसरे प्रधानमंत्री हैं।। मोदी ने देश को संबोधित करते हुए अपने संबोधन में, उन्होंने विकसित भारत के संकल्प को दोहराया साथ ही आत्मनिर्भरता एवं समृद्धि को देश का नवीन मंत्र भी बताया।

ट्रंप टैरिफ पर मोदी का कटाक्ष:
प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि उनकी सरकार किसानों, मछुआरों और पशुपालकों के हितों से जुड़ी किसी भी अहितकारी नीति को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “भारत अपने किसानों, मछुआरों और पशुपालकों के संबंध में कोई समझौता स्वीकार नहीं करेगा।”
प्रधानमंत्री का ये बयान ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता का संदेश देता है।
स्वदेशी और समृद्ध भारत का आह्वान
प्रधानमंत्री ने जोर देकर ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को एक नए स्तर पर ले जाते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि हम स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग मजबूरी में नहीं, बल्कि मजबूती से करें।

उन्होंने 140 करोड़ देशवासियों से ‘समृद्ध भारत’ का मंत्र अपनाने का आह्वान किया। मोदी बोले कि “जिस तरह कोटि-कोटि लोगों के बलिदान से स्वतंत्र भारत हो सकता है, उसी तरह कोटि-कोटि लोगों के संकल्प से समृद्ध भारत भी बन सकता है।”
अंतरिक्ष और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की प्रगति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने पानी बात में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का भी जिक्र किया और कहा कि वे सफलतापूर्वक स्पेस स्टेशन से लौट चुके हैं और भारत अपने ‘गगनयान’ मिशन के तहत आत्मनिर्भरता के साथ अपना अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की तैयारी कर रहा है।
यही नहीं मोदी ने 50-60 साल से लंबित सेमीकंडक्टर उद्योग की चर्चा करते हुए कहा कि उनकी सरकार मिशन मोड पर काम कर रही है। इस साल के अंत तक ‘मेड इन इंडिया’ सेमीकंडक्टर चिप्स बाजार में आ जाएंगे। मोदी की ये घोषणा भारत को विश्व में सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण प्लेयर के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
