🌄 विधानसभा के विशेष सत्र में सीएम धामी का विज़न 2040
देहरादून।
उत्तराखंड की रजत जयंती के मौके पर आयोजित विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर अपने बड़े विज़न का खाका पेश किया — उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाना।
सीएम धामी ने राज्य की स्थापना से लेकर अब तक के सफर का विस्तार से जिक्र करते हुए कहा कि “यह राज्य त्याग, संघर्ष और जनता की आकांक्षाओं से बना है, और अब सवा करोड़ जनता के सहयोग से इसे नई ऊंचाइयों तक ले जाना हमारा सामूहिक संकल्प है।”
🕰️ उत्तराखंड की राजनीतिक यात्रा — संघर्ष से स्थिरता तक
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों का आभार जताया।
उन्होंने बताया कि कैसे अटल बिहारी वाजपेयी के समय राज्य को विशेष आर्थिक पैकेज मिला, नित्यानंद स्वामी और भगत सिंह कोश्यारी ने विकास की नींव रखी, एन.डी. तिवारी ने प्रशासनिक स्थिरता दी, खंडूड़ी ने सुशासन और पारदर्शिता की नींव डाली, और रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने विकास को गति दी।
धामी ने 2013 की भीषण आपदा के बाद केदारनाथ पुनर्निर्माण में केंद्र सरकार की भूमिका की सराहना की, और 2017 के बाद डबल इंजन सरकार के दौर को उत्तराखंड के लिए “गेम चेंजर” बताया।
💪 चुनौतियों के बीच निभाई जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने याद किया कि 2022 में उन्होंने कोरोना संकट और चुनाव से कुछ महीने पहले जब जिम्मेदारी संभाली, तो हालात बेहद कठिन थे।
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हमने राज्य को स्थिरता दी और जनता के विश्वास को जीतकर इतिहास रचा — पहली बार किसी सरकार को दोबारा जनादेश मिला।”
📈 विकास का नया दौर — आंकड़े खुद बोलते हैं
धामी ने बताया कि उत्तराखंड आज नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य इंडेक्स में देश में पहले स्थान पर है।
राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार 14,501 करोड़ रुपये से बढ़कर अब 3,78,240 करोड़ रुपये पहुंच गया है, जबकि प्रति व्यक्ति आय 15,000 से बढ़कर करीब 2.74 लाख रुपये हो चुकी है।
उन्होंने कहा, “हमारी नीति साफ है — साफ नीयत, स्पष्ट नीति और पारदर्शी प्रक्रिया।”
🌾 किसान, रोजगार और नई नीतियां
सीएम धामी ने बताया कि राज्य सरकार किसानों को बिना ब्याज के तीन लाख रुपये तक का ऋण दे रही है और “फार्म मशीनरी बैंक” योजना के तहत 80% तक सब्सिडी दी जा रही है।
रोजगार के क्षेत्र में 26,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं, और 30 से ज्यादा नई नीतियां लाकर प्रदेश के लिए दीर्घकालिक विकास का विज़न तैयार किया गया है।
🛕 देवभूमि से खेलभूमि तक
राज्य के तीर्थ और पर्यटन को लेकर धामी ने कहा कि केदारखंड और मानसखंड में मंदिरों का सौंदर्यीकरण, योग-आध्यात्मिक केंद्रों का प्रमोशन और ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर जैसी योजनाएं प्रदेश की पहचान को नया आयाम देंगी।
खेलों में भी उत्तराखंड ने इतिहास रचा है — राष्ट्रीय खेलों में 103 पदक जीतकर 7वां स्थान हासिल किया।
महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30% आरक्षण देकर मातृशक्ति को सशक्त बनाया जा रहा है।
🚄 इंफ्रास्ट्रक्चर का बूम
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना अब अपने अंतिम चरण में है, जबकि केदारनाथ और हेमकुंड साहिब तक रोपवे प्रोजेक्ट्स जल्द शुरू होने वाले हैं।
‘उड़ान योजना’ के तहत 18 हेलीपोर्ट्स विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 12 पर हवाई सेवाएं शुरू हो चुकी हैं।
🏥 हेल्थकेयर और जनसेवा
राज्य में हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में काम चल रहा है।
देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी विभाग शुरू किए जा रहे हैं, और हल्द्वानी में राज्य का पहला कैंसर संस्थान बन रहा है।
धामी ने स्वीकार किया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में अभी और काम की जरूरत है, लेकिन दिशा सही है।
⚖️ कठोर फैसले, ऐतिहासिक कानून
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने नकल माफियाओं पर सबसे सख्त कानून लाकर युवाओं का भविष्य सुरक्षित किया है।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस के तहत 200 से अधिक अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है।
उन्होंने समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) लागू करने, धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगारोधी कानून और सख्त भू-कानून लागू करने को “देवभूमि की आत्मा की रक्षा के निर्णय” बताया।
🙏 राष्ट्रपति और राज्य आंदोलनकारियों को नमन
सत्र की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को विशेष सत्र को संबोधित करने के लिए धन्यवाद दिया और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, शहीदों और राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी।
🌠 संकल्प से सिद्धि की ओर
मुख्यमंत्री ने अपने समापन में कहा —
“हमारा संकल्प विकल्पहीन है। उत्तराखंड की सवा करोड़ जनता के साथ मिलकर हम इस देवभूमि को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाएंगे।”

