मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा बैठक में कड़ा रुख
मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा को लेकर मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागाध्यक्षों, सचिवों और जिलाधिकारियों को मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रोएक्टिव मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने कहा कि पूर्ण, गतिमान और लंबित घोषणाओं का भौतिक एवं वित्तीय अपडेट तुरंत प्रस्तुत किया जाए, ताकि प्रगति की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
तीन और सात दिन की समयसीमा तय
उन्होंने निर्देशित किया कि जिन घोषणाओं पर कार्य प्रगति पर है, उनका विस्तृत अपडेट तीन दिन के भीतर प्रस्तुत किया जाए।
वहीं, जिन घोषणाओं में किसी कारणवश देरी या अड़चन है, उनके समस्या की प्रकृति स्पष्ट करते हुए सात दिन में रिपोर्ट दी जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि यह प्रक्रिया विभागीय पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
विशेष अवसरों पर की गई घोषणाओं को प्राथमिकता
मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर की गई घोषणाओं को विशेष प्राथमिकता में लिया जाए।
उन्होंने कहा कि इन घोषणाओं की अलग सूची तैयार कर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित की जाए ताकि जनता तक इन योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे।
सचिव स्तर पर समस्याओं का समाधान
मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि जिन घोषणाओं को तत्काल प्रारंभ करने में कोई बाधा नहीं है, उनके प्रस्ताव तुरंत भेजे जाएं।
जहां किसी प्रकार का इशू या समस्या है, वहां उसका समाधान पहले सचिव स्तर पर किया जाए। यदि विभागीय स्तर पर समाधान संभव न हो तो ऐसे प्रकरण उनके स्तर पर प्रस्तुत किए जाएं।
निगरानी तंत्र को मजबूत करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने सचिव एस.एन. पांडेय को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग के लिए एक प्रभावी मैकेनिज्म तैयार करें।
उन्होंने कहा कि जिन विभागों की घोषणाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं है, उन्हें व्यक्तिगत रूप से या दैनिक रूटीन में फॉलोअप कर सुधार लाया जाए।
घोषणाओं की स्थिति एक नज़र में
मुख्यमंत्री की कुल 3575 घोषणाओं में से —
- 2215 घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं,
- 777 घोषणाएं क्रियान्वयन की प्रक्रिया में हैं,
- 583 घोषणाएं अभी अपूर्ण हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि सभी विभाग सुनिश्चित करें कि अपूर्ण घोषणाओं की प्रगति शीघ्र गति पकड़े और जनता को ठोस परिणाम नज़र आएं।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
बैठक में अपर सचिव नवनीत पांडेय, जगदीश कांडपाल, उपसचिव हीरा सिंह बसेड़ा, आर.सी. शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
