देश में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड के मामलों को लेकर अब मोदी सरकार निर्णायक मोड में आ चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार UPI और अन्य बैंकिंग ऐप्स में एक ‘FREEZE’ या ‘KILL SWITCH’ बटन लाने की गंभीर योजना पर काम कर रही है।
इस फीचर के ज़रिए यूज़र सिर्फ एक टैप में अपने सभी डिजिटल पेमेंट्स को तुरंत रोक सकेगा—चाहे वह UPI हो, नेट बैंकिंग हो या मोबाइल बैंकिंग।
सरकार इस प्रस्ताव को लेकर RBI (Reserve Bank of India) और NPCI (National Payments Corporation of India) के साथ लगातार बातचीत कर रही है।
🚨 क्यों ज़रूरी हो गया ‘KILL SWITCH’?
पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल फ्रॉड के मामलों में तेज़ उछाल देखने को मिला है—
- UPI कॉल स्कैम
- फर्जी लिंक से अकाउंट हैक
- AnyDesk / Remote Access फ्रॉड
- Fake KYC Update मैसेज
- OTP और SIM-Swap फ्रॉड
इन मामलों में सबसे बड़ी दिक्कत यह होती है कि जब तक पीड़ित को धोखाधड़ी का अहसास होता है, तब तक पैसा निकल चुका होता है। KILL SWITCH इस गैप को खत्म कर सकता है।

🔘 KILL SWITCH कैसे करेगा काम?
प्रस्तावित सिस्टम के तहत:
- हर UPI / बैंकिंग ऐप में एक Emergency Button
- संदिग्ध गतिविधि दिखते ही यूज़र एक टैप में:
- UPI पेमेंट
- बैंक ट्रांजैक्शन
- लिंक्ड अकाउंट एक्सेस
- कार्ड-टू-UPI कनेक्शन
सब कुछ अस्थायी रूप से FREEZE कर सकेगा
इसके बाद:
- बैंक / ऐप यूज़र से वेरिफिकेशन करेगा
- जांच पूरी होने पर ही सेवाएं दोबारा चालू होंगी
यह सिस्टम डिजिटल फ्रॉड के खिलाफ रियल-टाइम सुरक्षा कवच की तरह काम करेगा।
🏦 RBI और NPCI की भूमिका क्यों अहम?
- NPCI: UPI इकोसिस्टम का संचालन करता है
- RBI: बैंकिंग रेगुलेशन और उपभोक्ता सुरक्षा का संरक्षक
सूत्रों के अनुसार:
- फीचर को सभी UPI Apps (Google Pay, PhonePe, Paytm, BHIM आदि) पर समान रूप से लागू किया जा सकता है
- यह विकल्प डिफॉल्ट रूप से ON रह सकता है या यूज़र सेटिंग पर आधारित हो सकता है
यह कदम भारत के डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करेगा।
📊 डिजिटल इंडिया बनाम डिजिटल फ्रॉड
डिजिटल इंडिया की सफलता के साथ-साथ डिजिटल फ्रॉड भी एक समानांतर चुनौती बन गया है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार:
- हर साल लाखों लोग साइबर ठगी का शिकार
- करोड़ों रुपये का नुकसान
- रिकवरी रेट बेहद कम
ऐसे में KILL SWITCH न केवल नुकसान रोकेगा बल्कि लोगों का भरोसा भी बढ़ाएगा।
AI वीडियो के ज़रिए फर्ज़ी सरकारी योजनाओं का बड़ा जाल, सोशल मीडिया पर फैल रहा डिजिटल फ्रॉड
🔍 क्या यूज़र के लिए अनिवार्य होगा यह फीचर?
फिलहाल प्रस्तावित मॉडल पर चर्चा जारी है:
- इसे Optional Feature बनाया जा सकता है
- या फिर High-Risk Transactions में ऑटो-एक्टिवेट
- सीनियर सिटीज़न और ग्रामीण यूज़र्स के लिए विशेष सुरक्षा
सरकार का फोकस साफ है—डिजिटल फ्रॉड को जड़ से खत्म करना।
🧾 विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है:
“KILL SWITCH डिजिटल पेमेंट्स के लिए वही होगा, जो ATM Block सुविधा कार्ड्स के लिए है।”
यह फीचर भारत को Global Cyber Security Best Practices की कतार में खड़ा कर सकता है।
मोदी सरकार का यह प्रस्ताव डिजिटल फ्रॉड के खिलाफ अब तक का सबसे मजबूत और उपभोक्ता-केंद्रित कदम माना जा रहा है।
अगर यह योजना ज़मीन पर उतरती है, तो:
- फ्रॉड का रिस्क घटेगा
- यूज़र का कंट्रोल बढ़ेगा
- डिजिटल पेमेंट्स पर भरोसा और मजबूत होगा
अब सभी की निगाहें RBI और NPCI के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।
डिजिटल लेनदेन के बढ़ते दायरे के बीच डिजिटल फ्रॉड एक गंभीर चुनौती बनकर उभरा है। ऐसे में UPI और बैंकिंग ऐप्स में प्रस्तावित ‘KILL SWITCH’ फीचर आम उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षा की एक मजबूत ढाल साबित हो सकता है। यदि यह व्यवस्था लागू होती है, तो न केवल फ्रॉड के मामलों पर त्वरित रोक लगेगी, बल्कि डिजिटल पेमेंट सिस्टम में लोगों का भरोसा भी और गहरा होगा। सरकार की यह पहल डिजिटल इंडिया को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।
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