एक वीडियो, कई सवाल
हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी सरकारी अस्पताल IGMC शिमला से सामने आए एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। वीडियो में डॉक्टर और मरीज के बीच तीखी बहस दिखती है, जो देखते ही देखते हाथापाई के आरोपों तक पहुंच जाती है। क्लिप वायरल होते ही लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए—अस्पताल में इलाज का माहौल आखिर कैसा होना चाहिए?
सबसे पहले और सटीक खबरें पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें
👉 अभी ज्वाइन करें (Join Now)मरीज का पक्ष: “मैं इलाज के लिए गया था”
मरीज अर्जुन पंवार, जो पेशे से शिक्षक हैं, का कहना है कि वह सांस लेने में दिक्कत के कारण IGMC पहुंचे थे। उनका आरोप है कि डॉक्टर ने उनसे रूखे लहजे में बात की। जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई, तो बात बढ़ गई और स्थिति बिगड़ गई।
अर्जुन का कहना है कि मरीज होने के बावजूद उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जो किसी भी स्तर पर सही नहीं ठहराया जा सकता।
अस्पताल की सफाई क्या कहती है
IGMC प्रशासन ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि अर्जुन पंवार की एंडोस्कोपी की गई थी और इसके बाद उन्हें आराम की सलाह दी गई थी। अस्पताल का दावा है कि वायरल वीडियो पूरी घटना को नहीं दिखाता और संदर्भ के बिना सामने आया है।
प्रबंधन के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच कहासुनी जरूर हुई, लेकिन वीडियो से निकाले जा रहे निष्कर्ष जल्दबाज़ी में हैं।
सोशल मीडिया पर बहस तेज
वीडियो के सामने आने के बाद X, Instagram और WhatsApp पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग डॉक्टरों की सुरक्षा और काम के दबाव की बात कर रहे हैं, तो कई यूजर्स मरीजों के सम्मान और संवेदनशील व्यवहार की मांग कर रहे हैं।
जांच की मांग
मामले के तूल पकड़ने के साथ ही निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि सच जो भी हो, जवाबदेही तय होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं। IGMC जैसे बड़े संस्थान से पारदर्शिता और
