Nitin Gadkari Rajya Sabha Toll Tax पर मंत्री का खुलासा—क्यों कभी खत्म नहीं होगा टोल?

नई दिल्ली:
देशभर में बन रहे शानदार एक्सप्रेसवे, सिक्स-लेन हाईवे और वर्ल्ड क्लास सड़कों पर सफर करने वालों के लिए एक ऐसी खबर सामने आई है, जो सीधे आपकी जेब और सोच—दोनों को झकझोर देती है

Nitin Gadkari Rajya Sabha Toll Tax को लेकर राज्यसभा में दिया गया केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का बयान अब राष्ट्रीय बहस का विषय बन चुका है। आम लोगों के मन में लंबे समय से यह सवाल था कि जब किसी सड़क की निर्माण लागत सालों पहले वसूल हो चुकी है, तो आज भी टोल टैक्स क्यों लिया जा रहा है?

गडकरी ने इस सवाल का जवाब देते हुए साफ कर दिया कि टोल कोई अस्थायी व्यवस्था नहीं, बल्कि भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का स्थायी और मजबूत इंजन है।


Nitin Gadkari Rajya Sabha Toll Tax statement on national highways

🛑 गडकरी का सीधा मंत्र: “मुफ्त में कुछ नहीं मिलता”

राज्यसभा में टोल टैक्स पर उठे सवालों के जवाब में नितिन गडकरी ने दो टूक शब्दों में कहा कि अगर देश को अमेरिका और यूरोप जैसी सड़कें चाहिए, तो उनके निर्माण, रखरखाव और विस्तार के लिए लगातार फंडिंग जरूरी है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि:

  • टोल सिर्फ एक सड़क का कर्ज उतारने के लिए नहीं है
  • यह भविष्य की सड़कों, सुरंगों और एक्सप्रेसवे की नींव तैयार करता है

Nitin Gadkari Rajya Sabha Toll Tax बयान में उनका यह संदेश साफ था—
👉 बेहतर सुविधा चाहते हैं, तो उसकी कीमत चुकानी होगी।


💰 लागत वसूली के बाद टोल का पैसा कहां जाता है?

आम जनता के मन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि जब सड़क की लागत निकल जाती है, तो टोल क्यों नहीं हटाया जाता?
इस पर गडकरी ने पूरी व्यवस्था को विस्तार से समझाया।

🔹  सरकार के खजाने में जाता है पैसा

जब किसी हाईवे की Concession Period (रियायत अवधि) खत्म हो जाती है:

  • निजी कंपनी का रोल समाप्त हो जाता है
  • टोल वसूली सरकार अपने हाथ में ले लेती है
  • यह राशि सीधे भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India) में जमा होती है

🔹  क्रॉस-सब्सिडी मॉडल की असली ताकत

सरकार का तर्क है कि:

  • विकसित और व्यस्त इलाकों से मिलने वाला टोल
  • उन ग्रामीण, पहाड़ी और पिछड़े क्षेत्रों में सड़क निर्माण के काम आता है
    जहां ट्रैफिक कम है, लेकिन विकास की जरूरत सबसे ज्यादा है।

यही वजह है कि देश के दूर-दराज इलाकों तक अब हाईवे पहुंच रहे हैं।


🔹 NH Fee Rules 2008 के तहत पूरी प्रक्रिया

Nitin Gadkari Rajya Sabha Toll Tax चर्चा के दौरान यह भी बताया गया कि टोल वसूली पूरी तरह
👉 National Highways Fee (Determination of Rates and Collection) Rules, 2008
के तहत होती है।

इन नियमों में तय है:

  • टोल दरें कैसे तय होंगी
  • कितनी दूरी पर टोल प्लाजा होगा
  • रखरखाव और मरम्मत का खर्च कैसे निकलेगा

🔮 भविष्य की झलक: टोल फ्री नहीं, लेकिन ‘रुकावट फ्री’ सफर

नितिन गडकरी ने यह भी साफ किया कि आने वाले समय में टोल टैक्स पूरी तरह खत्म होने की संभावना कम है, लेकिन सरकार सफर को आसान और तेज़ बनाने के लिए टेक्नोलॉजी पर बड़ा दांव लगा रही है।

🚀 Satellite-based Tolling

  • दूरी के हिसाब से टोल
  • जितना चलेंगे, उतना ही भुगतान

🚗 ANPR सिस्टम

  • Automatic Number Plate Recognition
  • टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं
  • पैसा सीधे बैंक खाते से कटेगा

इससे टोल प्लाजा पर लगने वाले लंबे जाम इतिहास बन सकते हैं।


सड़क हादसों में मदद करने वालों को मिलेगा सम्मान और इनाम

🧠 कड़वी लेकिन जरूरी हकीकत

Nitin Gadkari Rajya Sabha Toll Tax बयान यह साफ संकेत देता है कि सरकार अब मजबूती से
👉 User-Pay Model
पर आगे बढ़ रही है।

मतलब साफ है:

  • बेहतर सड़कें चाहिए → भुगतान करना होगा
  • इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा → देश की रफ्तार बढ़ेगी

अब असली सवाल यह नहीं कि टोल कब खत्म होगा, बल्कि यह है कि क्या हमें उसके बदले सुरक्षित, तेज़ और गड्ढा मुक्त सफर मिल रहा है?

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