देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की 21 सितंबर 2025 को आयोजित स्नातक स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा पेपर लीक और नकल के गंभीर आरोपों में फंस गई है। इस मामले की तह तक जाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।
सरकार की त्वरित कार्रवाई
गृह अनुभाग-04 की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, SIT को एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी। इसका नेतृत्व श्रीमती मंजू बलूनी, पुलिस उपाधीक्षक (क्राइम ब्रांच, देहरादून) करेंगी। उनके साथ ये अधिकारी सदस्य बनाए गए हैं:
- श्रीमती अंकिता कंडारी, क्षेत्राधिकारी, देहरादून
- श्री लक्ष्मण सिंह नेगी, निरीक्षक, स्थानीय अभिसूचना इकाई, देहरादून
- श्री गिरीश नेगी, उप निरीक्षक/थानाध्यक्ष, रायपुर, देहरादून
- श्री राजेश ध्यानी, उप निरीक्षक, साइबर पुलिस स्टेशन, देहरादून
यह टीम नकल, पेपर लीक और “कठिन नकलरोधी” प्रश्नपत्र में हेरफेर जैसे आरोपों की गहराई से जांच करेगी।

युवाओं में नाराज़गी और उम्मीद
राज्यभर में लाखों अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हुए थे। मेहनत और उम्मीदों के बीच सामने आए इन आरोपों ने उम्मीदवारों को गहरा झटका दिया है। लेकिन SIT के गठन से अब उम्मीदवारों को उम्मीद है कि सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को सजा मिलेगी।
पारदर्शिता पर सरकार की कसौटी
उत्तराखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पहले भी सवालों के घेरे में रही है। इस बार SIT जांच से यह तय होगा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता कितनी बरकरार है। अगर गड़बड़ी साबित हुई तो न केवल परीक्षा रद्द हो सकती है बल्कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई भी होगी।
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