उत्तराखंड में 1 अप्रैल से प्री-SIR मैपिंग अभियान, 85% काम पूरा

देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची के शुद्धिकरण और सटीकता को सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य में 1 अप्रैल 2026 से प्री-SIR मैपिंग (Special Intensive Revision) के तहत सघन मैपिंग अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य हर मतदाता तक पहुंच बनाकर सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाना है। प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, अब तक 85 प्रतिशत से अधिक मैपिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है, जबकि शेष कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए कम मैपिंग वाले बूथों पर विशेष फोकस किया जाएगा।

यह जानकारी अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी। उन्होंने बताया कि यह अभियान मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम के निर्देशन में चलाया जा रहा है और इसे चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।

प्री-SIR मैपिंग

85% प्री-SIR मैपिंग पूरी, अब कम कवरेज वाले बूथ पर फोकस

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्री-SIR फेज के तहत अब तक प्रदेश में 85 प्रतिशत से अधिक मैपिंग पूरी हो चुकी है, जो प्रशासनिक दृष्टि से एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। हालांकि, अभी भी कुछ ऐसे बूथ हैं जहां मैपिंग का कार्य अपेक्षाकृत कम हुआ है। ऐसे बूथों की पहचान कर अप्रैल माह में विशेष अभियान चलाया जाएगा।

डोर-टू-डोर सर्वे के माध्यम से मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से छूट न जाए और किसी भी प्रकार की त्रुटि को समय रहते सुधारा जा सके। यह रणनीति चुनावी प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

ASD सूची से होगा मतदाता सूची का शुद्धिकरण

चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक बूथ पर एब्सेंट, शिफ्टेड और डेथ (ASD) सूची तैयार की जा रही है। इसका उद्देश्य उन मतदाताओं की पहचान करना है जो अब उस क्षेत्र में नहीं रहते, स्थानांतरित हो चुके हैं या जिनका निधन हो चुका है।

इस प्री-SIR मैपिंग प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची को अपडेट और सटीक बनाया जाएगा, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या विवाद की संभावना कम हो सके। प्रशासन का मानना है कि यह कदम चुनावी पारदर्शिता को मजबूत करेगा और फर्जी मतदान जैसी समस्याओं पर भी प्रभावी नियंत्रण लगाएगा।

एक क्लिक पर BLO से संपर्क की सुविधा

मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने “Book a Call with BLO” फीचर शुरू किया है। इसके जरिए कोई भी मतदाता एक क्लिक पर अपने बूथ लेवल अधिकारी (BLO) से संपर्क कर सकता है।

इसके लिए मतदाता आधिकारिक वेबसाइट या ECI-NET मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं। कॉल बुक करने के बाद दो दिनों के भीतर संबंधित BLO स्वयं मतदाता से संपर्क करेगा और उनकी समस्या का समाधान करेगा। यह डिजिटल सुविधा मतदाता सेवाओं को आसान और सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

19 हजार से अधिक BLA नियुक्त, फिर भी पूरी कवरेज बाकी

राजनीतिक दलों की भूमिका को भी इस अभियान में अहम माना जा रहा है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी दी कि प्रदेश में कुल 11,733 पोलिंग बूथ हैं, जबकि अब तक विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा 19,116 बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) नियुक्त किए गए हैं।

इनमें भारतीय जनता पार्टी द्वारा 9,276, कांग्रेस पार्टी द्वारा 9,506, सीपीआई (एम) द्वारा 217 और बीएसपी द्वारा 117 बीएलए नियुक्त किए गए हैं। हालांकि, प्रशासन ने सभी दलों से आग्रह किया है कि वे 100 प्रतिशत बूथों पर बीएलए की नियुक्ति सुनिश्चित करें, ताकि मतदाता सूची के सत्यापन और शुद्धिकरण की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी हो सके।

प्रशासनिक तैयारी और निगरानी पर विशेष जोर

चुनाव आयोग इस पूरे अभियान को लेकर बेहद गंभीर नजर आ रहा है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस अभियान की नियमित निगरानी करें और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

इसके साथ ही जनजागरूकता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि आम मतदाता इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग ले सकें। प्रशासन का मानना है कि जब तक जनता की भागीदारी नहीं होगी, तब तक इस तरह के अभियानों को पूरी सफलता नहीं मिल सकती।

चुनावी पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम

प्री-SIR मैपिंग अभियान को केवल एक तकनीकी प्रक्रिया के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे चुनावी सुधारों की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में माना जा रहा है। इससे न केवल मतदाता सूची अधिक सटीक बनेगी, बल्कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और भरोसा भी बढ़ेगा।

उत्तराखंड जैसे राज्य में, जहां भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं, इस तरह के अभियान को सफलतापूर्वक लागू करना प्रशासन की दक्षता को भी दर्शाता है।

उत्तराखंड SIR की तैयारी तेज: 87% मतदाता मैपिंग पूरी, अप्रैल से शुरू होगा विशेष गहन पुनरीक्षण

1 अप्रैल से शुरू होने वाला यह सघन प्री-SIR मैपिंग अभियान उत्तराखंड में चुनावी प्रक्रिया को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। अगर प्रशासन और जनता मिलकर इस अभियान को सफल बनाते हैं, तो यह भविष्य के चुनावों के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगा।

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