कांवड़ यात्रा 2025 | मुज़फ्फरनगर से मानवता की मिसाल: CO ऋषिका सिंह खुद कर रहीं सेवा, सुरक्षा के साथ संवेदना भी

मुज़फ्फरनगर, उत्तर प्रदेश:

कांवड़ यात्रा 2025 के दौरान जहां एक ओर प्रशासन सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित करने में जुटा है, वहीं दूसरी ओर एक मानवीय दृश्य ने सबका दिल छू लिया है।

CO ऋषिका सिंह, जो मुज़फ्फरनगर पुलिस का नेतृत्व कर रही हैं, न केवल सख्त प्रशासनिक भूमिका निभा रही हैं, बल्कि अपनी संवेदनशीलता और मानवीयता से लोगों का दिल जीत रही हैं। ताज़ा घटनाक्रम में ऋषिका सिंह ने महिला कांवड़ियों और थके हुए बच्चों के हाथ-पैर खुद से दबाकर उनकी थकान दूर करने की कोशिश की। यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और आमजन से लेकर अधिकारियों तक सबने इस संवेदनशीलता की सराहना की।

InShot 20250720 085208773

प्रशासनिक तैयारियों की झलक

CO ऋषिका सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि—

“हमारी पुलिस, विशेष रूप से मुज़फ्फरनगर पुलिस, पूरी तरह से मैदान में मौजूद है। ट्रैफिक को सुचारु रूप से चलाने, स्थानीय नागरिकों को परेशानी न हो, और कांवड़ियों को सुरक्षित यात्रा मिल सके, इसके लिए हम हर स्तर पर प्रयासरत हैं। हमने महिला कांवड़ियों के लिए विशेष टॉयलेट्स बनाए हैं और मेडिकल सहायता भी लगातार उपलब्ध कराई जा रही है।”

उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन ने किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर रखी है और नियमित रूप से ड्रिल्स कराई जा रही हैं ताकि ज़रूरत पड़ने पर तुरंत एक्शन लिया जा सके।

मानवता की सबसे बड़ी तस्वीर

प्रशासनिक ज़िम्मेदारियों से परे, जब एक महिला पुलिस अधिकारी खुद महिलाओं और बच्चों के पैरों की मालिश करें, तो यह प्रशासन नहीं, एक “सेवक” का रूप होता है। ऋषिका सिंह का यह भावुक कदम यह साबित करता है कि वर्दी सिर्फ अनुशासन का प्रतीक नहीं है, बल्कि करुणा और सेवा भावना की भी मिसाल है।

यात्रियों की प्रतिक्रिया

कई महिला कांवड़ियों ने CO ऋषिका सिंह की इस सेवा के लिए कृतज्ञता जताई और कहा कि—

“जब एक अधिकारी खुद सेवा में लग जाए, तो हमें विश्वास होता है कि हम सुरक्षित हैं। यह सिर्फ व्यवस्था नहीं, बल्कि अपनापन है।”

कांवड़ यात्रा 2025 के इस पड़ाव में मुज़फ्फरनगर से जो तस्वीर सामने आई है, वह केवल एक प्रशासनिक रिपोर्ट नहीं, बल्कि एक प्रेरणा है—कि जिम्मेदारी के साथ अगर संवेदनशीलता भी जुड़ जाए, तो एक यात्रा, एक तीर्थ, एक समाज और एक प्रशासन, सब बेहतर हो जाते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *