चंडीगढ़, 17 मई
हरियाणा सरकार ने राज्य सूचना आयोग से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसला लिया है। वरिष्ठ पत्रकार और वर्तमान में राज्य सूचना आयुक्त Pradeep Shekhawat को अब हरियाणा के मुख्य सूचना आयुक्त का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
यह आदेश मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini के निर्देश पर जारी किया गया। 16 मई की देर रात राज्य के मुख्य सचिव की ओर से इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किए गए, जिसके बाद श्री शेखावत ने तुरंत पदभार ग्रहण कर लिया।
मार्च से रिक्त था पद
सूत्रों के अनुसार Haryana State Information Commission में मुख्य सूचना आयुक्त का पद मार्च महीने से खाली था।
इस दौरान आयोग में लंबित मामलों और प्रशासनिक कार्यों को देखते हुए सरकार ने वरिष्ठता के आधार पर यह जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय लिया।
चूंकि श्री प्रदीप शेखावत आयोग में वरिष्ठतम सूचना आयुक्त हैं, इसलिए उन्हें मुख्य सूचना आयुक्त का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।
पत्रकारिता से प्रशासन तक का सफर
Pradeep Shekhawat मूल रूप से राजस्थान के Jhunjhunu जिले के Tai Village Jhunjhunu के निवासी हैं।
उन्होंने लगभग 34 वर्षों तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाई और राजस्थान के मीडिया जगत में एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार के रूप में पहचान बनाई।
पत्रकारिता के लंबे अनुभव के बाद उन्होंने सूचना आयोग में जिम्मेदारी संभाली और प्रशासनिक कार्यों में भी अपनी सक्रियता और दक्षता दिखाई।
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तेज़ फैसलों के लिए जानी जाती है कार्यशैली
राज्य सूचना आयोग में श्री शेखावत की छवि एक सक्रिय और सकारात्मक कार्यशैली वाले आयुक्त के रूप में मानी जाती है।
आयोग से जुड़े सूत्रों के अनुसार उन्होंने अब तक 3500 से अधिक मामलों का निस्तारण किया है।
इसके अलावा उन्होंने सूचना के अधिकार से जुड़े मामलों में कई महत्वपूर्ण फैसले भी दिए हैं।
आवेदकों को दिलवाया मुआवजा
सूचना अधिकार कानून के तहत कई मामलों में श्री शेखावत ने सूचना आवेदकों के पक्ष में महत्वपूर्ण आदेश दिए।
ऐसे कई मामलों में जहां आवेदकों को समय पर जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई, उन्होंने उन्हें मुआवजा दिलाने के आदेश दिए।
इसके साथ ही कई मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों पर आर्थिक दंड भी लगाया गया।
अधिकारियों पर जुर्माने के आदेश
सूचना आयोग के अधिकारों के तहत श्री शेखावत ने कई मामलों में राज्य के लोक सूचना अधिकारियों पर कार्रवाई भी की।
कई मामलों में अधिकारियों पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया गया, जिससे सूचना के अधिकार कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को मजबूती मिली।
इन फैसलों को प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया।
38 विभागों की जिम्मेदारी
वर्तमान समय में आयोग में कुछ पद रिक्त होने के कारण श्री शेखावत के पास अपेक्षाकृत अधिक विभागों की जिम्मेदारी है।
सूत्रों के अनुसार उनके पास फिलहाल 38 महत्वपूर्ण विभागों से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी है।
इस कारण आयोग के कामकाज में उनका अनुभव और प्रशासनिक समझ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
आयोग को मिलेगा अनुभव का लाभ
सरकारी सूत्रों का मानना है कि मुख्य सूचना आयुक्त का अतिरिक्त कार्यभार मिलने से आयोग के कामकाज को और गति मिल सकती है।
श्री शेखावत के लंबे पत्रकारिता अनुभव और सूचना अधिकार कानून की गहरी समझ के कारण आयोग के मामलों के निस्तारण में प्रभावी निर्णय लिए जा सकेंगे।
हरियाणा सरकार द्वारा वरिष्ठ सूचना आयुक्त प्रदीप शेखावत को मुख्य सूचना आयुक्त का अतिरिक्त कार्यभार सौंपना प्रशासनिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मार्च से रिक्त पड़े इस पद पर अब अनुभवी अधिकारी की जिम्मेदारी आने से राज्य सूचना आयोग के कामकाज में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
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