स्वास्थ्य सेवाओं की ज़मीनी पड़ताल, प्रशासन ने कसा शिकंजा

उत्तरकाशी | 13 दिसंबर 2025


🧭 प्रशासन की प्राथमिकता: इलाज से आगे, स्वस्थ समाज

उत्तराखंड सरकार के निर्देशों के अनुपालन में उत्तरकाशी जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए व्यापक निरीक्षण अभियान शुरू किया है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के नेतृत्व में यह पहल सिर्फ अस्पतालों की औपचारिक समीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका फोकस ज़मीनी हकीकत, संसाधनों की उपलब्धता और मरीजों के अनुभव पर है। प्रशासन का स्पष्ट रोडमैप है—इलाज के साथ भरोसा और व्यवस्था दोनों मजबूत हों।


🏥 सभी स्वास्थ्य केंद्रों की सघन समीक्षा

जिलाधिकारी के निर्देश पर जनपद के सभी उपजिलाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान चिकित्सकीय सेवाओं, स्टाफ की उपलब्धता, साफ-सफाई, दवाओं और तकनीकी सुविधाओं की गहन पड़ताल की गई।


🔍 भटवाड़ी क्षेत्र: संसाधन हैं, लेकिन व्यवस्था में सुधार जरूरी

भटवाड़ी क्षेत्र में एसडीएम शालिनी नेगी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। यहां प्रभारी चिकित्सक सहित 5 एमबीबीएस और 2 बीडीएस डॉक्टर तैनात हैं। नर्सिंग स्टाफ भी उपलब्ध है।
निरीक्षण के दौरान मरीज पंजीकरण, प्रसूति, इमरजेंसी और लैब कक्षों की स्थिति देखी गई। साफ-सफाई में कमी सामने आने पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। उपकेंद्र में एएनएम का पद पिछले दो माह से रिक्त है, जिसे अस्थायी व्यवस्था से संभाला जा रहा है। राहत की बात यह रही कि फार्मेसी में एंटी-रेबीज और एंटी-वेनम समेत सभी जरूरी दवाएं उपलब्ध पाई गईं।

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🚨 गंगनानी स्वास्थ्य केंद्र बंद मिला, तत्काल खुलवाया गया

गंगनानी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बंद होने की शिकायत पर प्रशासन ने तुरंत निरीक्षण किया। केंद्र बंद मिलने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अवगत कराया गया, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए केंद्र को खुलवाया गया। यह कदम प्रशासन की जीरो-टॉलरेंस नीति को दर्शाता है।


🧪 डुंडा और ब्रह्मखाल: तकनीकी स्टाफ की कमी उजागर

डुंडा और ब्रह्मखाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में निरीक्षण के दौरान एक्स-रे टेक्नीशियन की कमी सामने आई। इस विषय में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए।
धौंतरी स्वास्थ्य केंद्र में सेवाएं तो संचालित पाई गईं, लेकिन सफाई कर्मचारी की आवश्यकता को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए।


🏨 बड़कोट सीएचसी: मानव संसाधन की चुनौती

बड़कोट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की उपस्थिति के साथ लैब, वैक्सीनेशन, औषधि भंडार, इमरजेंसी और एक्स-रे कक्षों का निरीक्षण किया गया। यहां दंत चिकित्सक सहायक, सफाई कर्मचारी और डाटा एंट्री ऑपरेटर की कमी सामने आई, जिसकी जानकारी जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दी गई।


🩺 पुरोला क्षेत्र: विशेषज्ञ सेवाओं की नितांत आवश्यकता

पुरोला, कुमोला और गुन्दियाटगांव स्वास्थ्य केंद्रों के निरीक्षण में यह स्पष्ट हुआ कि स्वीकृत पदों के मुकाबले पर्याप्त स्टाफ नहीं है।
यहां गायनोलॉजिस्ट, ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ, सीटी स्कैन और ब्लड बैंक जैसी सुविधाओं की तत्काल आवश्यकता बताई गई। यह संकेत है कि दूरस्थ क्षेत्रों में अब भी विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।


📢 जिलाधिकारी का स्पष्ट संदेश

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना है। निरीक्षण अभियान का उद्देश्य व्यवस्थाओं में नई गति लाना और नागरिकों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है।
स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि दवाएं, उपकरण और मानव संसाधन समय पर उपलब्ध हों और मरीजों को किसी भी स्तर पर असुविधा न हो।

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