सुप्रीम कोर्ट ने ‘उदयपुर फाइल्स’ की रिलीज़ पर रोक से किया इनकार, कहा – “फिल्म को रिलीज़ होने दीजिए”

कन्हैया लाल हत्याकांड पर आधारित फिल्म को लेकर कोर्ट में दाखिल याचिका को खारिज किया गया

नई दिल्ली, 9 जुलाई 2025 |
देश को झकझोर देने वाले कन्हैया लाल हत्याकांड पर आधारित फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ अब बिना किसी कानूनी रुकावट के रिलीज़ हो सकेगी। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को फिल्म पर रोक लगाने की मांग को ठुकरा दिया और याचिकाकर्ता की अपील पर त्वरित सुनवाई से भी इनकार कर दिया।

यह याचिका मोहम्मद जावेद नाम के आरोपी ने दाखिल की थी, जो इस जघन्य हत्या कांड का आठवां अभियुक्त है। जावेद ने अदालत में दलील दी कि फिल्म से मुकदमे की निष्पक्ष सुनवाई प्रभावित हो सकती है और धार्मिक वैमनस्य को बढ़ावा मिल सकता है।

लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस पर कोई राहत नहीं दी। कोर्ट की टिप्पणी थी –
“फिल्म को रिलीज़ होने दीजिए।”

इस फैसले के बाद फिल्म के समर्थकों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पक्षधर वर्गों में खुशी की लहर है। वहीं कन्हैया लाल के बेटे ने भी खुलकर फिल्म का समर्थन किया है। उन्होंने कहा –
“वे चाहते हैं कि देश भूल जाए, लेकिन हम भूलने नहीं देंगे। यह फिल्म एक सच्चाई है, जिसे सामने आना ही चाहिए।”

पृष्ठभूमि:

कन्हैया लाल की 2022 में राजस्थान के उदयपुर में निर्मम हत्या कर दी गई थी, जब उन्होंने कथित रूप से एक सोशल मीडिया पोस्ट साझा की थी। यह मामला पूरे देश में आक्रोश का कारण बना था और हत्या के वीडियो ने देश को दहला दिया था।

फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ क्या है?

‘उदयपुर फाइल्स’ इस हत्याकांड की पूरी पड़ताल, उसके पीछे की कट्टरता, और पीड़ित परिवार की पीड़ा को उजागर करने वाली एक फिल्म बताई जा रही है। निर्माताओं का दावा है कि यह फिल्म “सच्चाई को सामने लाने और न्याय की पुकार को मजबूत करने” के लिए बनाई गई है।

फिल्म अब नियत समय पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी, और इसके खिलाफ दायर की गई याचिका सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्पष्ट रूप से खारिज कर दी गई है।