अपने बेबाक बयानों और अभिनय के लिए चर्चित अभिनेत्री और अब भारतीय जनता पार्टी की सांसद कंगना रनौत ने एक सनसनीखेज बयान देते हुए भारतीय राजनीति की हकीकत पर गहरी टिप्पणी की है। लोकसभा चुनाव 2024 में हिमाचल प्रदेश की कठिन मानी जाने वाली मंडी सीट से शानदार जीत दर्ज करने वाली कंगना ने खुलासा किया कि वह “मंत्री बनने और कोई विभाग मिलने” की उम्मीद के साथ संसद में आई थीं, लेकिन ज़मीनी राजनीति ने उनके सपनों को झटका दे दिया है।
कंगना ने कहा,
“मेरी प्रोफाइल को देखते हुए — मैं एक फिल्म निर्माता, निर्देशक और लेखिका हूं। मेरे पास पद्मश्री जैसा सम्मान भी है। ऐसे में मुझे लगा था कि मुझे कोई मंत्रालय या विभाग मिलेगा। लेकिन अब मैं सिर्फ पंचायत स्तर की समस्याएं सुलझाने में उलझ गई हूं। लोग नाली, सड़क और बिजली की शिकायतें लेकर आते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि उनका एक साल सांसद के तौर पर “आउटस्टैंडिंग” रहा है, लेकिन ईमानदारी से राजनीति करना एक “महंगा शौक” है।
“Staying in politics while being honest is an expensive hobby,” उन्होंने कहा।
कंगना रनौत का यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नई कैबिनेट में कई युवा और लोकप्रिय चेहरों को जगह मिली है, लेकिन कंगना जैसे हाई-प्रोफाइल और स्टार सांसद को मंत्री नहीं बनाया गया। उनके इस बयान को निराशा और आंतरिक असंतोष के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
![]()
🧨 राजनीति में ‘ग्लैमर’ बनाम ‘ग्रासरूट रियलिटी’
कंगना का यह बयान एक बड़ी बहस को जन्म देता है — क्या फिल्मी दुनिया से आए स्टार सांसदों को केवल चेहरा बनाकर छोड़ दिया जाता है? क्या सियासत में आने से पहले उन्हें जमीनी हकीकत का आभास नहीं होता?
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज़ है कि क्या कंगना रनौत जल्द ही अपनी भूमिका को फिर से परिभाषित करेंगी — क्या वह सरकार से नाराज हैं? या यह सिर्फ एक ‘Reality Check’ था?
एक बात तय है — कंगना रनौत बॉलीवुड के बाद अब संसद में भी चर्चा की धुरी बन चुकी हैं। और उनका यह बयान न सिर्फ उनके राजनीतिक भविष्य पर, बल्कि बीजेपी की रणनीति पर भी सवाल खड़े करता है।

Leave a Reply