20 सितंबर को बरसेगी आफत! IMD ने उत्तराखंड में भारी बारिश और बिजली गिरने का बड़ा अलर्ट जारी किया

देहरादून, 19 सितंबर 2025
उत्तराखंड में आसमान से आफत बरसने वाली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बड़ा अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि 20 सितंबर को राज्य के गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में भारी बारिश और गरज-तड़ित के साथ बिजली गिरने का खतरा बेहद गंभीर है। इस दौरान कई जिलों में तबाही जैसे हालात बनने की आशंका जताई गई है।

आज से शुरू होगा मौसम का कहर

19 सितंबर यानी आज से ही उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों में भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की संभावना है। लेकिन मौसम विभाग के अनुसार असली खतरा कल 20 सितंबर को है, जब मैदानी से लेकर पहाड़ी जिलों तक आंधी-तूफान, भारी बारिश और बिजली गिरने के प्रचंड हालात बन सकते हैं।

20 सितंबर पर सबसे बड़ा खतरा

IMD ने चेतावनी दी है कि कल, 20 सितंबर को गढ़वाल मंडल के देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार और कुमाऊं मंडल के सभी जिलों में भारी बारिश और गरज के साथ बिजली गिरने के पूरे आसार हैं।
इससे:

  • भूस्खलन
  • अचानक बाढ़
  • नदी-नालों के उफान
  • सड़कों के अवरुद्ध होने
  • मैदानी जिलों में जलभराव

जैसे हालात उत्पन्न हो सकते हैं।

आने वाले दिनों का पूर्वानुमान

  • 21 और 22 सितंबर – देहरादून, नैनीताल, पौड़ी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में गरज-तड़ित और बारिश जारी रहेगी।
  • 23 सितंबर – उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, चंपावत और पिथौरागढ़ में भारी बारिश व बिजली गिरने का बड़ा खतरा।
  • 24 और 25 सितंबर – उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, चंपावत, उधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में हल्की से मध्यम बारिश के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

प्रशासन की अपील

IMD ने स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। पहाड़ी जिलों में भूस्खलन की स्थिति में सड़कों के बंद होने और मैदानी इलाकों में जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदियों-नालों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की है।

यात्रियों और स्थानीयों को चेतावनी

  • पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा की योजना बनाने वाले लोग कार्यक्रम टाल दें या दोबारा जांच करें।
  • आपदा प्रबंधन टीमों और प्रशासन के मोबाइल अलर्ट पर नजर रखें।
  • बिजली गिरने के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और नदियों से दूर रहें।

उत्तराखंड में मानसून अभी पूरी तरह सक्रिय है और 20 सितंबर का दिन राज्य के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।