हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल गिरा! आधी रात आए तूफान ने मचा दी तबाही, 5 मजदूरों की दर्दनाक मौत

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां तेज आंधी और भारी बारिश के बीच हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल गिरा, पुल का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। इस हादसे में कम से कम 5 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। आधी रात के अंधेरे में हुए इस हादसे ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। हादसे के बाद से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और प्रशासन पूरी रात मलबा हटाने में जुटा रहा।

बताया जा रहा है कि यह हादसा हमीरपुर जिले के कुरारा थाना क्षेत्र के पास बन रहे कंदौर-मोराकांदर पुल परियोजना में हुआ। स्थानीय लोगों के मुताबिक देर रात अचानक मौसम बिगड़ा और तेज तूफान के साथ भारी बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान पुल का स्लैब, पिलर और शटरिंग का हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया। हादसे के समय कई मजदूर साइट पर काम कर रहे थे और कुछ मजदूर वहीं आराम कर रहे थे। अचानक हुए इस हादसे में मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।

आधी रात मची चीख-पुकार, गांव वाले दौड़े मदद के लिए

हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल गिरा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात करीब 12 बजे इलाके में बेहद तेज तूफान आया। हवा इतनी तेज थी कि आसपास के गांवों में लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। तभी हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल गिरा, पुल स्थल की तरफ से जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। कुछ ही सेकंड में निर्माणाधीन संरचना धराशायी हो गई। गांव वालों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। स्थानीय लोग सबसे पहले मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे मजदूरों को निकालने की कोशिश शुरू की।

घटना के बाद मौके पर भयावह दृश्य देखने को मिला। भारी कंक्रीट स्लैब और लोहे की संरचनाओं के नीचे मजदूर दबे हुए थे। अंधेरा, बारिश और तेज हवा के बीच राहत कार्य शुरू करना बेहद चुनौतीपूर्ण था। कई मजदूरों की चीखें सुनाई दे रही थीं, जिससे मौके पर मौजूद लोग भावुक हो गए।

SDRF और पुलिस ने संभाला मोर्चा

हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल गिरा इस हादसे की जानकारी मिलते ही SDRF, पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। हमीरपुर के अपर पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि रात करीब 2 बजे सूचना मिलने के तुरंत बाद बचाव दल मौके पर पहुंच गया था। प्रशासन ने पुष्टि की कि अब तक पांच शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कई अन्य लोगों की तलाश जारी है। कुछ रिपोर्ट्स में मृतकों की संख्या बढ़कर 6 तक पहुंचने की आशंका भी जताई गई है।

रेस्क्यू टीमों ने जेसीबी और भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाना शुरू किया। हालांकि लगातार बारिश और अस्थिर ढांचे के कारण ऑपरेशन काफी जोखिम भरा बना हुआ है। प्रशासन का कहना है कि जब तक पूरा मलबा नहीं हट जाता, तब तक राहत अभियान जारी रहेगा।

निर्माण गुणवत्ता पर उठने लगे बड़े सवाल

हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल गिरा

इस हादसे के बाद पुल निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य काफी तेजी में किया जा रहा था और मौसम खराब होने के बावजूद रात में भी काम जारी था। कई ग्रामीणों ने दावा किया कि पुल के कुछ हिस्सों में पहले से दरारें और तकनीकी कमजोरियां दिखाई दे रही थीं।

विशेषज्ञों का मानना है कि तेज तूफान और भारी बारिश के दौरान हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल गिरा, ढांचे पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। यदि शटरिंग और सपोर्ट सिस्टम मजबूत न हो तो ऐसी दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। अब यह जांच का विषय बन गया है कि हादसा केवल प्राकृतिक कारणों से हुआ या निर्माण में किसी तरह की लापरवाही भी शामिल थी।

प्रशासन ने जांच के दिए संकेत

घटना के बाद जिला प्रशासन और संबंधित विभागों ने जांच की बात कही है। संभावना जताई जा रही है कि निर्माण कंपनी, इंजीनियरिंग टीम और सुरक्षा प्रोटोकॉल की विस्तृत जांच कराई जाएगी। हादसे के बाद से पूरे इलाके में गुस्सा और शोक का माहौल है। मृत मजदूरों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। कई लोगों का कहना है कि मजदूरों की सुरक्षा को लेकर अक्सर बड़े निर्माण प्रोजेक्ट्स में गंभीर लापरवाही देखने को मिलती है।

भारत में पहले भी हो चुके हैं बड़े पुल हादसे

देश में पुल और फ्लाईओवर गिरने की घटनाएं पहले भी कई बार सामने आ चुकी हैं। कोलकाता फ्लाईओवर हादसा, वाराणसी फ्लाईओवर दुर्घटना और कई अन्य मामलों में निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठे थे। विशेषज्ञों का कहना है कि तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के बीच सुरक्षा ऑडिट और तकनीकी मॉनिटरिंग को और मजबूत करने की जरूरत है।

हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल गिरा, यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर रही है कि क्या बड़े निर्माण प्रोजेक्ट्स में सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन हो रहा है या नहीं। खासकर जब खराब मौसम की चेतावनी हो, तब निर्माण स्थलों पर काम जारी रखना कितना सुरक्षित है, यह बड़ा सवाल बन गया है।

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इलाके में पसरा मातम, परिवारों की बढ़ी चिंता

हादसे के बाद से मजदूरों के परिवारों में भारी चिंता का माहौल है। कई परिवार पूरी रात अस्पतालों और घटनास्थल के आसपास अपने परिजनों की तलाश में भटकते रहे। प्रशासन की ओर से अभी तक सभी पीड़ितों की आधिकारिक पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। राहत और बचाव अभियान के खत्म होने के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी।

फिलहाल पूरा हमीरपुर इस दर्दनाक हादसे से सदमे में है और लोग यही प्रार्थना कर रहे हैं कि मलबे में फंसे बाकी मजदूरों को जल्द सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाए।

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