देहरादून: उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर बेहद सक्रिय हो गया है। उत्तराखंड ऑरेंज अलर्ट के तहत मौसम विभाग ने 27 जुलाई 2026 शाम 7:06 बजे से 28 जुलाई 2026 सुबह 10:06 बजे तक अगले 15 घंटों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। इस अवधि में चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, उधम सिंह नगर और उत्तरकाशी जिलों के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज गर्जना, बिजली चमकने और आंधी-तूफान की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार कुछ स्थानों पर बहुत तेज़ से अत्यधिक तेज़ बारिश (Extremely Heavy Spell) देखने को मिल सकती है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क अवरोध और नदियों-नालों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी का खतरा बना हुआ है।

उत्तराखंड ऑरेंज अलर्ट किन क्षेत्रों में सबसे अधिक खतरा?
मौसम विभाग ने जिन क्षेत्रों को अधिक संवेदनशील माना है, उनमें शामिल हैं—
- पुरोला
- बड़कोट
- गंगोत्री
- केदारनाथ
- बद्रीनाथ
- सोनप्रयाग
- थराली
- नंदा देवी पर्वत क्षेत्र
- मुनस्यारी
- बेरीनाग
- गंगोलीहाट
- डीडीहाट
- जसपुर
- रुद्रपुर
- खटीमा
- आसपास के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्र
इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने और भारी वर्षा की संभावना अधिक है।
बहुत भारी बारिश से क्या हो सकते हैं खतरे?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि लगातार तेज बारिश के कारण कई तरह की समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
- पहाड़ों में भूस्खलन और बोल्डर गिरना
- राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्ग बाधित होना
- नदी, गदेरे और नालों का जलस्तर अचानक बढ़ना
- निचले इलाकों में जलभराव
- बिजली आपूर्ति प्रभावित होना
- चारधाम यात्रा मार्गों पर यातायात बाधित होना
- ग्रामीण संपर्क मार्ग बंद होने की आशंका
विशेष रूप से केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री मार्गों पर यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
चारधाम यात्रियों के लिए विशेष चेतावनी
चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं से प्रशासन ने अपील की है कि वे मौसम की ताज़ा जानकारी लेकर ही यात्रा करें। यदि किसी क्षेत्र में भारी बारिश शुरू हो जाए तो सुरक्षित स्थान पर रुकें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
पर्वतीय क्षेत्रों में रात के समय यात्रा से बचने की सलाह भी दी गई है क्योंकि अचानक भूस्खलन और सड़क बंद होने की घटनाएं बढ़ सकती हैं।
मैदानी क्षेत्रों में भी रहेगा असर
हालांकि अधिक खतरा पर्वतीय जिलों में है, लेकिन उधम सिंह नगर के रुद्रपुर, जसपुर और खटीमा सहित आसपास के क्षेत्रों में भी तेज बारिश और आंधी-तूफान का असर देखने को मिल सकता है।
तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, बिजली की लाइनें प्रभावित होने और शहरी जलभराव जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं।
बिजली गिरने का खतरा
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि—
- खुले मैदानों में न रहें।
- पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
- बिजली कड़कने के दौरान मोबाइल टावर और बिजली के खंभों से दूरी रखें।
- खेतों में काम कर रहे किसान सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
- अनावश्यक यात्रा से बचें।
प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता
ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
संभावित तैयारियां—
- आपदा राहत दल अलर्ट मोड पर
- संवेदनशील मार्गों की निगरानी
- जेसीबी और राहत उपकरण तैयार
- पुलिस एवं SDRF की तैनाती
- नदी किनारे रहने वाले लोगों पर विशेष निगरानी
मौसम विभाग की आम लोगों के लिए सलाह
- मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा टालें।
- नदी, नालों और झरनों के पास न जाएं।
- पहाड़ी ढलानों से दूरी बनाए रखें।
- वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें।
- स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के अपडेट पर लगातार नजर रखें।
- मोबाइल पूरी तरह चार्ज रखें और आवश्यक दवाइयां साथ रखें।
- किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।
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अगले कुछ घंटों पर रहेगी सबसे ज्यादा नजर
मौसम विभाग के अनुसार 27 जुलाई की रात से 28 जुलाई की सुबह तक का समय सबसे संवेदनशील रहेगा। इस दौरान कई स्थानों पर बारिश की तीव्रता अचानक बढ़ सकती है। लगातार हो रही मानसूनी गतिविधियों के कारण उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में स्थिति तेजी से बदल सकती है, इसलिए नागरिकों और यात्रियों को पूरी सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
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