तेहरान दहल उठा है। तेल अवीव की हवाएं गरज रही हैं।
13 जून 2025 की रात इतिहास में दर्ज हो गई — जब इज़रायल ने “ऑपरेशन राइजिंग लायन” के नाम से ईरान के खिलाफ सबसे बड़ा सैन्य हमला लॉन्च किया।
इस हमले ने न सिर्फ तेहरान की नींद उड़ा दी, बल्कि पूरे मध्य पूर्व को युद्ध की विभीषिका के मुहाने पर ला खड़ा किया।
💥 क्या है Operation Rising Lion?
इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस ऑपरेशन को “इसराइल के अस्तित्व की रक्षा का निर्णायक कदम” बताया। ऑपरेशन का मक़सद ईरान की उन गतिविधियों को जड़ से खत्म करना था, जिन्हें इज़रायल “आस्तित्व के लिए सीधा खतरा” मानता है — खासकर ईरान का परमाणु कार्यक्रम और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की आक्रामक रणनीतियाँ।
🎯 एयरस्ट्राइक्स: लक्ष्य पर सटीक वार
तेहरान, इस्फहान, क़ुम, शिराज़ और यज़्द जैसे शहरों में एक साथ बमबारी की गई।
IAF (Israeli Air Force) के F-35 जेट्स और ड्रोन स्क्वाड्रन ने कमांड सेंटर, परमाणु अनुसंधान स्थलों और IRGC ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए।
नतीजा?
- ईरान के टॉप न्यूक्लियर साइंटिस्ट डॉ. हमीद रज़ावी की मौत।
- IRGC के वरिष्ठ कमांडर जनरल मोहसिन खालिदी, बासिज प्रमुख जनरल अल-तबरिज़ी मारे गए।
- कई गोपनीय यूरेनियम-सेंट्रीफ्यूज साइट्स राख हो गईं।
IAEA ने भी साइट्स पर रेडियोलॉजिकल कंटामिनेशन की पुष्टि की है।
🛑 ईरान का गुस्सा, खामेनेई का बयान
ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई ने इस हमले को “ईरान की संप्रभुता पर खुला युद्ध” बताया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर इसे युद्ध अपराध घोषित करने की मांग की है।
वहीं, तेहरान की सड़कों पर हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं। अमेरिका और इज़रायल के झंडे जलाए जा रहे हैं।
🇮🇱 नेतन्याहू का ऐलान: “This is just the beginning”
इज़रायली कैबिनेट की आपात बैठक के बाद नेतन्याहू ने कहा:
“This military operation aims to roll back Iranian threat to Israel’s very survival. We will not wait for another Holocaust.”
उनके इस बयान ने साफ कर दिया है कि यह कोई एकदिवसीय हमला नहीं, बल्कि एक लंबे संघर्ष की शुरुआत है।
🌍 वैश्विक प्रतिक्रिया
- संयुक्त राष्ट्र ने आपात बैठक बुलाई है।
- रूस और चीन ने हमले की निंदा की है।
- अमेरिका ने “इज़रायल को आत्मरक्षा का अधिकार” बताते हुए बयान दिया लेकिन सीधे तौर पर समर्थन या विरोध से बचा।
- भारत, फ्रांस, और जर्मनी शांति की अपील कर रहे हैं।
🔥 क्या यह विश्व युद्ध की आहट है?
ईरान ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वह इस हमले का जवाब देगा — “सभी मोर्चों पर और सभी साधनों से।”
इसका मतलब है कि हिज़बुल्लाह, हौथी, और आईआरजीसी के प्रॉक्सी अब पश्चिम एशिया में सक्रिय हो सकते हैं।
तेल के दाम आसमान पर हैं, शेयर बाज़ार थरथरा रहे हैं, और वैश्विक शांति पर गंभीर संकट मंडरा रहा है।
📍 Watch This Space:
क्या यह एक सीमित सैन्य कार्रवाई है, या तीसरे विश्व युद्ध की भूमिका?
क्या तेहरान पलटवार करेगा या राजनयिक मोर्चा खोलेगा?
क्या अमेरिका इस युद्ध में कूदेगा?